कवर्धा

कवर्धा में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी… 9 माह में 12,268 चालान, 1.04 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला

Traffic Challan: कवर्धा में यातायात नियमों की अनदेखी वाहन चालकों पर भारी पड़ रही है। जनवरी से सितंबर तक यातायात पुलिस ने 12,268 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 4 लाख 78 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया।
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Oct 04, 2026
Chhattisgarh News
ट्रैफिक नियमों की अनदेखी (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Traffic Rules Violation: सड़क पर वाहन चलाते समय छोटी-सी जल्दबाजी या नियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। कवर्धा जिले में इस साल जनवरी से सितंबर तक यातायात पुलिस की कार्रवाई के आंकड़े बताते हैं कि वाहन चालक सिग्नल से लेकर स्पीड, हेलमेट, सीट बेल्ट और पार्किंग तक कई स्तरों पर नियम तोड़ रहे हैं। 9 माह में 12 हजार 268 प्रकरण दर्ज कर 1 करोड़ 4 लाख 78 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। सबसे ज्यादा मामले लापरवाही और खतरनाक ड्राइविंग के हैं।

वाहन चालक सड़क पर आगे निकलने की जल्दबाजी में सुरक्षित दूरी और सावधानी का ध्यान नहीं रख रहे हैं। 1180 मामलों में लापरवाही व खतरनाक तरीके से वाहन चलाना सामने आया। इन पर 25.07 लाख रुपए का जुर्माना हुआ। यह कुल कार्रवाई में सबसे बड़ा हिस्सा है। सिग्नल पर कुछ सेकंड रुकने के बजाय वाहन निकालने की कोशिश भी आम गलती बनी हुई है। 719 वाहन चालकों ने रेड सिग्नल जंप किया, जिन पर 14.42 लाख रुपए का जुर्माना लगा। सिग्नल तोड़ना न केवल चालान का कारण बन रहा है, बल्कि दूसरे रास्ते से आ रहे वाहनों से टक्कर का खतरा भी बढ़ाता है।

यातायात पुलिस की कार्रवाई का संदेश साफ है। सड़क पर जल्दबाजी, सिग्नल तोड़ना, ओवरस्पीड, मोबाइल का इस्तेमाल, शराब के नशे में वाहन चलाना, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाने जैसी गलतियां केवल चालान तक सीमित नहीं हैं। ये सीधे दुर्घटना का खतरा बढ़ाती हैं। वाहन चालक नियमों का पालन कर खुद के साथ दूसरे राहगीरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं।

रफ्तार के आगे नियम भूले

ओवरस्पीड और रैश ड्राइविंग के 457 मामले मिले। 5.29 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। तेज रफ्तार में वाहन चालक अचानक ब्रेक, मोड़ और सामने से आने वाले वाहनों का सही अनुमान नहीं लगा पाते, जिससे हादसे का खतरा बढ़ता है।

नशे में ड्राइविंग और मॉडिफाइड साइलेंसर

जिला पुलिस को शराब के नशे में वाहन चलाने के 44 मामले मिले, जिन पर 1.92 लाख रुपए का जुर्माना लगा। वहीं, 30 वाहनों में मॉडिफाइड साइलेंसर पाए गए। ध्वनि प्रदूषण, प्रेशर हॉर्न और बिना पीयूसी के 847 प्रकरण दर्ज किए गए।

हेलमेट-सीट बेल्ट में भी लापरवाही

  • 282 चालक बिना हेलमेट और 697 बिना सीट बेल्ट वाहन चलाते मिले। दोपहिया पर तीन सवारी के 454 मामले सामने आए। यानी कई वाहन चालक दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा के सबसे जरूरी साधनों को ही नजरअंदाज कर रहे हैं।
  • 599 वाहन बिना नंबर प्लेट मिले। वहीं, 298 वाहन बिना बीमा के चलते पकड़े गए। वाहन चालक दस्तावेज पूरे रखने की अनदेखी भी कर रहे हैं। बिना फिटनेस के 61 और बिना परमिट के 21 मामले भी सामने आए।
  • वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल भी जारी है। 51 चालक मोबाइल का उपयोग करते पकड़े गए। कुछ सेकंड के लिए सड़क से नजर हटना भी दुर्घटना का कारण बन सकता है।

बार-बार गलती की तो हो सकता है लाइसेंस रद्द

यातायात प्रभारी अजयकांत तिवारी ने बताया कि ओवरस्पीडिंग में हल्के मोटर वाहनों पर पहली बार 1000 और दूसरी बार से 2000 रुपए, जबकि भारी वाहनों पर पहली बार 2000 और बाद में 4000 रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है। बार-बार यातायात नियम तोड़ने पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है। इसलिए यातायात नियमों का पालन करें।

Updated on:
04 Oct 2026 09:56 am
Published on:
04 Oct 2026 09:56 am