खंडवा

पीएम मोदी के मंत्र सुनने के लिए तनाव में रहे विद्यार्थी, टीवी की नहीं हुई जुगाड़, रेडियो से सुनाया

स्कूली अमला नहीं कर पाया तनाव प्रबंधन...परीक्षा के समय तनाव प्रबंधन पर पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन।
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Updated: 17 Feb 2018, 11:45 AM IST
PM Narendra Modis interaction with Students Exam Warriors Book
PM Narendra Modis interaction with Students Exam Warriors Book

खंडवा. परीक्षा के तनाव से लडऩे के मंत्र पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को छात्र-छात्राओं को दिए। इसका सीधा प्रसारण टीवी और रेडियो पर हुआ। शहर में स्कूल प्रबंधनों ने ये व्यवस्था की लेकिन इसी दिन परीक्षा भी होने से छात्र-छात्राएं परेशान भी हुए। हालात ये तक बने कि कहीं परीक्षा के पहले संबोधन सुनना पड़ा तो कही स्थिति ये थी कि अंदर परीक्षा चल रही थी और बाहर रेडियो की आवाज। साथ ही परीक्षा से पहले भीड़ बढ़ाने के लिए बच्चों को हॉल में बैठाने और एेनवक्त पर उन्हें छोडऩे के नजारे भी सामने आए। पूरा घटनाक्रम बच्चों का मानसिक तनाव बढ़ाने वाला साबित हुआ।


समय में बदलाव बना बड़ी मुसीबत
परीक्षा के समय तनाव प्रबंधन पर पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन पहले सुबह ११ बजे से शुरू होना था लेकिन एक दिन पहले इसमें बदलाव के निर्देश आए और इसे सुबह 11.45 बजे कर दिया। टीवी पर मोदी दोपहर 12 बजे नजर आए। इधर, 1 बजे से कक्षा ११वीं में भूगोल, रसायन व शरीर रचना-क्रिया विज्ञान के पेपर भी थे।


...ये हैं वो लाइव नजारे, जिन्होंने बढ़ाया छात्र-छात्राओं का तनाव...
1. अंदर परीक्षा, बाहर मोदी मंत्र, कैमरे के क्लिक पर बदला स्थान
स्कूल: शा. कन्या हायरसेकंडरी स्कूल सूरजकुंड
समय: दोपहर 1.15 से 1.40 बजे तक
स्थिति: पहले यहां प्रैक्टिकल देने वाली छात्राओं को मोदी मंत्र सुनने के लिए बुलाया। फिर बरामदे में बैठाकर रेडियो से संबोधन सुनाया। इस बीच ११वीं की केमेस्ट्री की छात्राओं की परीक्षा शुरू हो गई। पास के कमरे में उन्हें परीक्षा देते हुए रेडियो की आवाज से व्यवधान होता रहा। कैमरे से फोटो क्लिक हुई तो फिर यहां कर्मचारी ने रेडियो लेकर दौड़ लगाई, दूसरे कमरे में बैठाते तब तक संबोधन ही खत्म हो गया।


2. रेडियो की ही व्यवस्था, गिनती के सुनने वाले, रस्म अदायगी
स्कूल: शा. हायरसेकंडरी स्कूल आनंदनगर
समय: दोपहर 12.55 से 1.08 बजे तक
स्थिति: यहां ९वीं से १२वीं तक में १७० छात्र-छात्राएं दर्ज हैं। लेकिन पीएम का संबोधन सिर्फ 11 ही जुटे थे। शिक्षिका मृदुला शुक्ला ने बताया कि शेष परीक्षा में व्यस्त हैं। टीवी की व्यवस्था से संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि नहीं हो पाई। प्राचार्य मीनाक्षी शुक्ला अन्य सेंटर पर प्रैक्टिकल परीक्षा लेने गई हुई थीं। सुबह ९वीं कक्षा के पर्यावरण के पेपर के बाद बच्चे चले गए थे। यहां पूरा कार्यक्रम रस्म अदायगी ही नजर आया।


...और इन स्कूलों में एेसे मिले हालात...
- बरसों से पड़ी छतरी निकाली, मस्ती करते बच्चे, प्राचार्य ने खींचे फोटो
स्कूल: शा. मोतीलाल नेहरू हायरसेकंडरी स्कूल
समय: दोपहर 12.10 से 12.35 बजे तक
स्थिति: पीएम के संबोधन के लिए बरसों से स्टोर रूम में पड़ी छतरी (डिश एंटिना) निकलवाकर छत पर सेट करवाई। हॉल में प्रसारण दिखाया। मिडिल स्कूल के बच्चे यहां ज्यादा थे, मस्ती करते रहे। आरएमएसए के विमर्श पोर्टल पर अपलोड करने के लिए प्राचार्य संजीव मंडलोई ने मोबाइल से फोटो खींचें व वीडियो भी बनाए।


- आखिरी वक्त तक बच्चों को लाते रहे, भीड़ बढ़ाने की हुई कोशिशें
स्कूल: शा. रायचंद नागड़ा उत्कृष्ट स्कूल
समय: सुबह 11.45 से दोपहर 12.05 बजे तक
स्थिति: सुबह 11.45 के बजाय टीवी पर पीएम दोपहर 12 बजे नजर आए। इस बीच यहां चैनल सेटिंग का दौर चलता रहा। परीक्षाओं के दौर के बीच बच्चे कम आए थे, इसलिए आखिरी तक यहां भीड़ बढ़ाने के लिए शिक्षक, बच्चों को हॉल में लाते रहे। सुबह प्रैक्टिकल परीक्षा देने वाले बच्चों को भी विशेष तौर से रोका गया था।


- छात्राओं को बैठाए रखा फिर कहा- चलो परीक्षा दे दो
स्कूल: महारानी लक्ष्मीबाई हायरसेकंडरी स्कूल
समय: दोपहर 12.40 से 1 बजे तक
स्थिति: 11वीं कक्षा की भूगोल, रसायन व शरीर रचना-क्रिया विज्ञान की छात्राओं को हॉल में बैठाए रखा। १२.४० बजे कहा कि चलो जिनकी परीक्षा है, वो कमरों तक पहुंचो। जब छात्राएं परीक्षा कक्ष तक गई तो वहां के ताले तक नहीं खुले थे। इस घटनाक्रम के बाद परीक्षा में छात्राएं विचलित नजर आईं।

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