
रामपुरहाट। तारापीठ के चंडीपुर इलाके के 15 होटल और लॉज को तत्काल बंद करने का आदेश दिया गया है। रामपुरहाट महकमा प्रशासन ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। रामपुरहाट के अनुमंडल अधिकारी राठौर अश्विन बाबू सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशासन की ओर से मंगलवार को 15 होटलों को बंद करने के नोटिस भेजे जा रहे हैं और इन्हें तुरंत बंद करना होगा। बता दें कि सोमवार तड़के एक निजी होटल में लगी आग में अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
वहीं, प्रशासन के अनुसार इन होटलों को फायर लाइसेंस नहीं होने, बिजली कनेक्शन से जुड़ी समस्याओं सहित कई कारणों से पहले भी कई बार नोटिस भेजे जा चुके हैं। हालांकि, संबंधित होटल प्रबंधन की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद हाल की घटना को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई का फैसला किया है। एसडीओ ने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को ही कौशिकी अमावस्या के आगामी आयोजन का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया था। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू की है।
इसके लिए एक संयुक्त टीम का गठन किया गया है। टीम में दमकल विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), राज्य विद्युत निगम बोर्ड के प्रतिनिधि, एसडीओ कार्यालय के अधिकारी और पुलिस अधिकारी शामिल हैं। यह टीम तारापीठ के होटलों और लॉज का संयुक्त रूप से निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान अग्निशमन व्यवस्था, बिजली व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जाएगी। इससे पहले सोमवार को तारापीठ में हुई घटना के बाद मामले की जांच के लिए एक जांच कमेटी गठित की गई थी।
इसी दौरान तारापीठ के चंडीपुर इलाके में स्थित 15 होटल और लॉज की सूची जारी की गई, जिन्हें तत्काल बंद करने का निर्देश दिया गया है। होटलों की अग्निशमन व्यवस्था की जांच के लिए नौ सदस्यीय विशेष फायर ऑडिट टीम भी गठित की गई है। यह टीम रामपुरहाट क्षेत्र के होटलों में आग से बचाव और अग्निशमन से जुड़ी व्यवस्थाओं का ऑडिट करेगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सुरक्षा में किसी तरह की कमी के कारण भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। सोमवार को राज्य के दमकल राज्यमंत्री कौशिक चौधरी ने होटल मालिक संघ के प्रतिनिधियों के साथ बंद कमरे में बैठक भी की थी।
बैठक में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। बैठक में होटलों की सुरक्षा व्यवस्था और आग से बचाव के उपायों को लेकर चर्चा की गई। प्रशासन की कार्रवाई हाल में हुई तारापीठ की घटना के बाद तेज हुई है। इस मामले में गिरफ्तार होटल मालिक और उसके बेटे के खिलाफ अनैच्छिक हत्या और लापरवाही समेत कई आरोप लगाए गए हैं। कौशिकी अमावस्या के दौरान तारापीठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन अब होटल और लॉज की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है। संयुक्त निरीक्षण और फायर ऑडिट के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि श्रद्धालुओं के ठहरने वाले स्थानों पर आग और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के पर्याप्त इंतजाम मौजूद हों।