
खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के दांतन थाना क्षेत्र के तुरका गांव में आयोजित रथ मेले के दौरान एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। रथ मेला देखने आए दो युवकों के शव मेले के पास स्थित एक तालाब में मिलने से सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान पूर्णचंद्र पट्टनायक (49 वर्ष), निवासी राधाबल्लभपुर गांव तथा विशु टुडू (32 वर्ष), निवासी साबड़ा गांव के रूप में हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रथ मेले के अवसर पर इलाके में भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। इसी दौरान दोनों युवक काफी देर तक दिखाई नहीं दिए। परिजनों और स्थानीय लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद मेले के समीप स्थित एक तालाब में दोनों के शव तैरते हुए दिखाई दिए। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को खबर दी।
सूचना मिलने पर दांतन थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दोनों शवों को तालाब से बाहर निकालकर अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार दोनों युवक संभवतः शराब के नशे में तालाब में उतरे थे और इसी दौरान पानी में डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए खड़गपुर महकमा अस्पताल भेज दिया गया है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
गौरतलब है कि जुलाई महीने में ही दक्षिण 24 परगना जिले के पास बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने गई एक नाव डूबने से नौ मछुआरों की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने बताया था कि बरामद शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण उनकी पहचान करने में काफी कठिनाई आई थी। 'जय मां काली' नाम की यह नाव 2 जुलाई को पूर्व मेदिनीपुर के शंकरपुर बंदरगाह से 15 मछुआरों को लेकर समुद्र में गई थी, जिनमें तीन मछुआरे ओडिशा के थे। 6 जुलाई के बाद नाव से संपर्क टूट गया था, जिसके बाद खोज अभियान शुरू किया गया था। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की थी।