Jatra Food Poisoning: उल्टियां और बेचैनी की शिकायत के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। फूड पॉइजनिंग की चपेट में आए 26 महिला, पुरुष और बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया...
Kondagaon Food Poisoning: कोंडागांव जिले के माकड़ी विकासखंड स्थित तमरावंद गांव में जात्रा पर्व के दौरान आयोजित सामूहिक भोज उस वक्त मातम में बदल गया, जब खाना खाने के बाद एक-एक कर लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टियां और बेचैनी की शिकायत के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। फूड पॉइजनिंग की चपेट में आए 26 महिला, पुरुष और बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। वहीं कई लोगों का इलाज अब भी जारी है।
दरअसल, तमरावंद गांव में शनिवार को विधि-विधान के साथ देव जात्रा पर्व का आयोजन किया गया था। गांव में धार्मिक कार्यक्रम के बाद सामूहिक भोज रखा गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। बताया जा रहा है कि भोज में शाकाहारी भोजन परोसा गया था। भोजन करने के कुछ ही देर बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
ग्रामीणों के मुताबिक पहले कुछ लोगों को उल्टियां और पेट दर्द की शिकायत हुई, लेकिन देखते ही देखते कई महिला, पुरुष और बच्चे इसकी चपेट में आने लगे। एक साथ बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत खराब होने से गांव में हड़कंप मच गया। परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल बीमार लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माकड़ी पहुंचाया।
शुरुआत में कुछ लोगों को ही अस्पताल लाया गया था, लेकिन धीरे-धीरे फूड पॉइजनिंग से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 26 तक पहुंच गई। स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत वाले कुछ मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान रजिया बाई, पति सुखलाल, की मौत हो गई।
महिला की मौत की खबर सामने आते ही गांव में मातम का माहौल बन गया। वहीं अन्य मरीजों का इलाज जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम भी सक्रिय हो गई। प्राथमिक तौर पर मामला फूड पॉइजनिंग का माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि सामूहिक भोज में परोसे गए भोजन में गड़बड़ी होने के कारण लोगों की तबीयत बिगड़ी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। ग्रामीणों में घटना के बाद दहशत का माहौल है। वहीं प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है।