CG News: मां दंतेश्वरी हर्बल फार्म ने कोंडागांव का मॉडल विकसित किया है। बताया जाता है कि यह देश का सबसे सफल कृषि नवाचार है। इस अब विदर्भ में भी लागू किया जाएगा।
Kondagaon Model: विदर्भ, जहां किसानों की आत्महत्या की घटनाएं सबसे अधिक होती हैं, अब एक नई कृषि क्रांति का केंद्र बनने जा रहा है। मां दंतेश्वरी हर्बल फार्म में विकसित 'कोंडागांव मॉडल' को देश का सबसे सफल कृषि नवाचार बताते हुए डॉ. राजाराम त्रिपाठी ने घोषणा की कि इस मॉडल को अब विदर्भ में बड़े पैमाने पर लागू किया जाएगा।
सुपर वूमन अवॉर्ड 2025 समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि विदर्भ के किसानों को आत्महत्या नहीं, आत्मनिर्भरता की जरूरत है। इसी उद्देश्य से हमने इस क्षेत्र को अपने नवीनतम कृषि प्रयोगों की भूमि बनाने का फैसला किया है।
इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी मनीष श्रीवास्तव, युवा व्यवसायी प्रीतेश शुक्ला, गोंदिया पब्लिक स्कूल की संचालिका डॉ. इंदिरा सपाटे, महिला अर्बन बैंक की डायरेक्टर डॉ. माधुरी नासरे, वरिष्ठ समाजसेवी लक्ष्मण गुडधे, समाजसेविका सीमा डोये, सुपर वूमन समूह संचालक प्रमोद गुडधे, समाज सेवक विवान मौजूद थे।
इस मॉडल के तहत ऑस्ट्रेलियाई काली मिर्च, हल्दी, सफेद मूसली, स्टीविया और अन्य औषधीय फसलों की मिश्रित खेती की जाती है। उन्होंने विशेष रूप से वृक्षों से निर्मित प्राकृतिक ग्रीनहाउस प्रणाली का उल्लेख किया, जो महंगे पॉलीहाउस का किफायती और प्रभावी विकल्प है।
इस मॉडल को अपनाकर किसान अपनी आय में 3 से 4 गुना वृद्धि कर सकते हैं। यह मॉडल जैविक खाद की फैक्ट्री की तरह जैविक खाद का भारी मात्रा में उत्पादन करता है वाटर हार्वेस्टिंग करता है अभी ज्ञात हो कि, देश के लगभग 16 राज्यों के लाखों किसान इसे अपने खेतों में सफलतापूर्वक अपना चुके हैं।
Kondagaon Model: डॉ. राजाराम त्रिपाठी को भारतीय कृषि नवाचारों में उनके योगदान के लिए विशेष रूप से नागरिक अभिनंदन किया गया तथा विशेष रूप से समान-चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोंडागांव मॉडल विदर्भ के किसानों के लिए एक नया भविष्य रच सकता है।