
कोरबा/कोथारी. 322.80 लाख की लागत से निर्मित होने वाले पुल का निर्माण 16 मई 2018 को पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन नहीं हो सका। काम की गति इतनी सुस्त रही कि पुल के सभी खंभे तक अभी नहीं बन पाए हैं। यह हाल तब है जब विभाग ने ठेकेदार को 60 लाख रुपए का भुगतान पहले ही कर चुका है।
विकास कार्यों की यह बानगी ऊर्जाधानी से लगभग 26 किमी दूर कोथारी के निकट की है। यहां कोथारी से रोगदा के बीच सोन नदी पर पुल के निर्माण का ठेका दिया गया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत यह पुल ३२२.८०लाख लागत से बनना है लेकिन 16 मई 2018 तक इसका काम पूरा होना चाहिए था पर नहीं हुआ।
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नवापारा-रोगदा सोन नदी में पुल का निर्माण का ठेकेदार काम बंद करके सारा सामान समेट कर चला गया है। पुल का निर्माण सात जनवरी 2017 से शुरू हुआ था और 16 मई 2018 तक पूरा हो जाना था। रोगदा,नवापारा सहित कई गांवों के लोगों के लिए यह पुल बहुत ही जरूरी है, जहां पुल बनने से रोड पर पहुंचने में मात्र तीन किमी की दूरी है, वहीं पुल नहीं बनने से उबड़- खाबड़ रास्ते से होकर मेन रोड पहुंचने में 30-35 किमी का सफर तय करना पड़ता है।
पहले भी ठेकेदार द्वारा पेमेंट नही मिल रहा कर काम बंद कर दिया था। उस समय ऊपर बैठे अधिकारी को अवगत करा दिया था लेकिन फिर काम शुरू हुआ और अंत में बंद कर दिया। अधूरा काम होने से बड़े गड्ढ़े खोदकर छोड़ दिया गया है। जिसमे लम्बी-लम्बी सरिया निकली हुई है। पानी के नीचे होने से जानवर एवं काम करने जाने वाले लोग किसी के साथ कभी भी बड़ी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। बरसात के समय में स्कूल जाने वाले बच्चे,मजदूर,एवं धंधा करने वाले जान जोखिम में डाल कर नदी पार करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी इस समस्या को देखने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों ने मिट्टी के कच्ची रोड बनायी है।
फैक्ट फाइल
-कार्य का नाम नवापारा-रोगदा के बीच सोन नदी पर पुल का निर्माण
-कार्य की लागत : ३२२.८० लाख रुपए
- निर्माण प्रारंभ सात जनवरी २०१७
- पूरा करने की अवधि १६ मई २०१८
-ठेकेदार का नाम : बिशम्भर दयाल अग्रवाल
-पुल का काम समय से पूरा नहीं हुआ है। इसलिए ठेकेदार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जा रही है- कमल राम साहू, ईई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना