
Korba NTPC fined: बिजली घरों से निकलने वाली राखड़ यानी फ्लाई ऐश के परिवहन में लापरवाही और पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के निर्माणाधीन दुर्ग-आरंग-रायपुर बायपास प्रोजेक्ट के लिए भेजी जाने वाली राखड़ को ठेका एजेंसी ने निर्धारित स्थान तक पहुंचाने के बजाय कोरबा के छुरी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर फेंक दिया। करीब 200 ट्रकों के जरिए लगभग 6000 टन राखड़ खुले में डंप किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद पर्यावरण संरक्षण मंडल ने कार्रवाई की है।
जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान राखड़ परिवहन में नियमों की अनदेखी के साथ ही खुले में बड़ी मात्रा में फ्लाई ऐश डंप किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पर्यावरण संरक्षण मंडल ने एनटीपीसी प्रबंधन पर 90 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
एनटीपीसी के जमनीपाली स्थित धनरास राखड़ बांध से फ्लाई ऐश को निर्माणाधीन दुर्ग-आरंग-रायपुर बायपास प्रोजेक्ट के लिए भेजा जाना था। राखड़ का उपयोग सड़क निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों में किया जाना था। इसके लिए ठेका एजेंसी को राखड़ को निर्धारित स्थल तक पहुंचाना था, लेकिन आरोप है कि परिवहन दूरी और भाड़ा कम करने के चक्कर में राखड़ को प्रोजेक्ट स्थल तक ले जाने के बजाय महज 10 किलोमीटर दूर छुरी की सरकारी जमीन पर ही डंप कर दिया गया।
जांच में सामने आया कि बड़ी मात्रा में राखड़ को एक-दो वाहनों से नहीं, बल्कि करीब 200 ट्रकों के जरिए छुरी क्षेत्र में पहुंचाया गया। अनुमान के मुताबिक करीब 6000 टन फ्लाई ऐश खुले में फेंकी गई। इतनी बड़ी मात्रा में राखड़ के खुले में डंप होने से आसपास के क्षेत्र में पर्यावरणीय खतरा पैदा होने की आशंका जताई गई। फ्लाई ऐश के उड़ने से हवा की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ आसपास की जमीन और जलस्रोतों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
राखड़ को सरकारी जमीन पर फेंके जाने की सूचना मिलने के बाद क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। कार्रवाई के दौरान चार ट्रकों को पकड़ा गया। टीम ने मौके पर मौजूद राखड़ और उसके परिवहन से संबंधित जानकारी जुटाई। जांच और सत्यापन के बाद पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के मामले में एनटीपीसी प्रबंधन के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की गई।
क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल ने मामले में एनटीपीसी प्रबंधन पर 90 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। विभाग ने जुर्माने की राशि जमा करने के लिए 15 दिन का समय दिया है। क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी प्रसन्ना सोनकर ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए एनटीपीसी को निर्धारित अवधि में जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए हैं।
पर्यावरण विभाग की कार्रवाई के बाद अब छुरी में फेंकी गई राखड़ को वहां से हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। ठेका एजेंसी को सरकारी जमीन पर डंप की गई राख को उठाकर निर्धारित स्थान पर ले जाने के लिए कहा गया है। एनटीपीसी की ओर से बताया गया है कि ठेका एजेंसी के बिल से जुर्माने की राशि काटकर उसे पर्यावरण संरक्षण मंडल में जमा कराया जाएगा।
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल राखड़ के परिवहन की व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। जिस फ्लाई ऐश का इस्तेमाल सड़क निर्माण परियोजना में होना था, उसे निर्धारित स्थल तक पहुंचाने के बजाय रास्ते में ही डंप कर दिया गया। आरोप है कि ठेका एजेंसी ने परिवहन की दूरी और भाड़ा बचाने के लिए यह कदम उठाया। इससे एक ओर जहां निर्माण परियोजना के लिए निर्धारित राखड़ वहां नहीं पहुंची, वहीं दूसरी ओर सरकारी जमीन पर बड़ी मात्रा में फ्लाई ऐश डंप होने से पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी हुई।