
सरकारी नौकरी की चाह में जमीन तक बेच दी (Photo Patrika)
Bhilai Fraud: योग्यता और मेहनत के बजाय पैसे देकर नौकरी पाने की चाह पढ़े-लिखे बेरोजगारों और उनके परिवारों पर भारी पड़ रही है। दुर्ग पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि नौकरी लगाने के नाम पर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक 23 प्रकरण दर्ज हो चुके हैं, जिनमें करीब 1.84 करोड़ रुपए की ठगी सामने आई है। इन मामलों में 34 आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने 18 को गिरफ्तार किया है, जबकि 16 आरोपी अब भी फरार हैं। कई परिवारों ने जमीन बेचकर, गहने गिरवी रखकर या कर्ज लेकर ठगों को रकम दी, लेकिन नौकरी नहीं मिली।
ठगी के अधिकांश मामलों में बेरोजगारों के परिवारों ने नौकरी की उम्मीद में बड़ी रकम जुटाई। किसी ने जमीन बेची तो किसी ने जेवर गिरवी रखकर या कर्ज लेकर पैसे दिए। रकम देने के बाद नौकरी नहीं लगी और पैसे वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करते रहे। मजबूर होकर पीडि़तों को पुलिस और न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2024 से 2026 के बीच नौकरी के नाम पर ठगी के 60 प्रकरण दर्ज हुए। इनमें 102 आरोपी शामिल रहे। पुलिस ने 77 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 23 आरोपी फरार हैं। चार मामलों में खात्मा किया गया, जबकि 34 प्रकरण न्यायालय में पेश किए जा चुके हैं और 22 मामलों में विवेचना जारी है।
नगर सेना में नौकरी के नाम पर 6.30 लाख: पुलगांव थाना क्षेत्र में आरोपी इसरार खान ने परिचित बेरोजगार को नगर सेना विभाग में नौकरी लगाने का झांसा दिया। 15 किस्तों में 6.30 लाख रुपए लिए, लेकिन नौकरी नहीं लगाई।
पुलिस विभाग में नौकरी के लिए 14 लाख: स्मृतिनगर चौकी क्षेत्र में आरोपी ने पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। महिला ने पति को चालक और भाई को आरक्षक बनाने गहने और जमीन कर्ज रखकर 14 लाख रुपए दिए।
उतई थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने छत्तीसगढ़ पुलिस में पहचान और राजनीतिक पहुंच का दावा कर युवक को आरक्षक बनाने का भरोसा दिया। पिता ने जमीन बेचकर 12 लाख रुपए दिए। न तो नौकरी मिली न ही रकम वापस आई।
सरकारी नौकरी योग्यता के आधार पर मिलती है। किसी की पहुंच या प्रभाव के दावे पर भरोसा कर रकम न दें। नौकरी लगाने के नाम पर कोई ठगी या झांसा दे तो तत्काल थाने में शिकायत करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
विजय अग्रवाल, डीआईजी
Updated on:
30 Aug 2026 04:22 pm
Published on:
30 Aug 2026 04:21 pm
