
कोरबा . उच्चतर वेतनमान सहित अन्य मांगों को लेकर धरना पर बैठे बिजली कर्मचारी महासंघ के एक प्रतिनिधि मंडल ने रायपुर में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर उन्हें मांगोंं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने मांगों पर श्रमिक नेताओं को आश्वासन दिया। लेकिन श्रमिक नेताओं ने यह कहकर धरना-प्रदर्शन को स्थगित करने से मना किया कि मांगों पर जब तक बिजली कंपनी सर्कुलर जारी नहीं करती आंदोलन जारी रहेगा।
शनिवार को बिजली कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री आवास में डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की। कंपनी के अधीन नियोजित नियमित और ठेका मजदूरों की मांग और समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। निर्णय लेने में हो रही देरी से श्रमिकों पर पडऩे वाले असर की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। उन्हें बताया कि ठेका मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी का लाभ नहीं मिल रहा है। कंपनी कर्मचारियों के लिए अलग-अलग सर्कुलर जारी कर रही है।
भू-विस्थापित कर्मचारियों को वेतन पुनरीक्षण तक नहीं हुआ है। अनुकंपा नौकरी पर सहमति के बाद भी कंपनी की ओर से क्रियान्वयन नहीं किया गया है। कई मजदूर अनुकंपा नौकरी की बाट जोह रहे हैं। पॉवर कंपनी राज्य गठन के १७ वर्षों में भर्ती नीति नहीं बना सकी है। बिजली बोर्ड की अलग-अलग कंपनियों में अलग-अलग नियम कानून चल रहा है। इसका विपरीत असर पड़ रहा है।
श्रमिक संगठनों ने बिजली कंपनी में न्यूनतम चार पदोन्नति देने की मांग भी सीएम के समक्ष रखा है। प्रतिनिधि मंडल में बीएमएस के महामंत्री अरुण देवांगन सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे। बिजली कर्मचारी संघ के नेता राधेश्याम जायसवाल ने बताया कि मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया है। उन्होंने सकारात्मक आश्वासन दिया है। लेकिन बिजली संघ ने निर्णय लिया है कि जब तक मांगों पर कोई सर्कुलर जारी नहीं होता आंदोलन जारी रहेगा।
दूसरे दिन भी आंदोलन जारी
मांगोंं के समर्थन में मजदूरों का आंदोलन दूसरे दिन भी कोरबा पश्चिम संयंत्र के बाहर जारी है। श्रमिकों का कहना है कि मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। शनिवार को बड़ी संख्या में श्रमिक धरना स्थल पर पहुंचे।