इसके पहले मानिकपुर खदान से एक माह में अधिकतम 4.61 लाख टन कोयले का उत्पादन किया गया था।
कोरबा. एसईसीएल के मानिकपुर खदान ने कोयला उत्पादन के क्षेत्र में नया रिकार्ड बनाया है। जून में खदान से पांच लाख टन कोयले का उत्पादन किया गया है। यह अभी तक का सबसे बड़ा रिकार्ड है। इसके पहले मानिकपुर खदान से एक माह में अधिकतम 4.61 लाख टन कोयले का उत्पादन किया गया था। इसे तोड़ते हुए खदान के कर्मचारियों ने एक माह में उत्पादन का नया रिकार्ड बनाया है।
चालू वित्तीय वर्ष की प्रथम तिमाही में एसईसीएल ने मानिकपुर खदान से 7.30 लाख टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया था। लेकिन खदान से 13.34 लाख टन का कोयले का उत्पादन किया गया। जबकि समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के प्रथम तिमाही में 9.90 लाख टन कोयले का उत्पादन हुआ था। इसमें 12.34 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। उप महाप्रबंधक मानिकपुर इंद्रजीत सिंह और खान प्रबंधक मनोज कुमार ने इसे कर्मचारियों के मेहनत का परिणाम बताया है।
आउट सोर्सिंग से खदान
कोरबा एरिया के अधीन स्थित मानिकपुर खदान आउट सोर्सिंग से चल रहा है। खदान में नियमित कर्मचारियों की संख्या लगभग 400 है। मिट्टी उत्खनन से लेकर कोयले के परिवहन तक का कार्य निजी कंपनियां कर रही है। ब्लास्टिंग का कार्य भी प्रबंधन ने ठेके पर सौंप दिया है।
इनका किया गया स्थानांतरण
एसईसीएल मुख्यालय ने रजगामार के उपक्षेत्रीय प्रबंधक जगदीश दास, खान प्रबंधक एके वर्मा, कार्मिक प्रबंधक ललित बी कौरव का स्थानांतरण कर दिया गया। जगदीश दास को रजगामार से हसदेव एरिया, एके वर्मा को कोरबा एरिया और ललित को रजगामार से बांकीमोगरा में स्थानांतरित किया गया है। तीनों अफसरों के खिलाफ ग्र्र्रामीणों ने मोर्चा खोल रखा था। ग्रामीणों को प्रताडि़त करने का आरोप लगाते हुए वरिष्ट अफसरों से शिकायत की थी।