कोरबा

Breaking : राजपूत हॉलीडे प्लानर एंड ट्रैवलर्स में आरपीएफ का छापा, पर्सनल आई से हो रहा था सार्वजनिक कार्य

कोरबा और बिलासपुर टीम की संयुक्त तौर पर कार्रवाई

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May 30, 2018
कोरबा और बिलासपुर टीम की संयुक्त तौर पर कार्रवाई

कोरबा . आरपीएफ द्वारा बुधवार को शहर के राजपूत टै्रवल्र्स संस्थान में छापामार कार्रवाई की गई। टै्रवल्र्स द्वारा पर्सनल आईडी से ई टिकट तैयार कर बेचा जा रहा था। संस्थान के कर्मचारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है वहीं संचालक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

ई-टिकट बुकिंग में फर्जीवाड़ा को लेकर आरपीएफ की टीम ने निहारिका घंटाघर स्थित आईडीएसएमटी काम्पलेक्स में संचालित राजपूत हॉलीडे प्लानर एंड टै्रवल्र्स में छापामार कार्रवाई की। आरपीएफ की टीम ने संंस्थान के कम्प्यूटर सिस्टम, टिकट से लेकर सभी दस्तावेजों को खंगाला।

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जिसमें पुलिस ने ई टिकट बुकिंग फर्जीवाड़ा से जुड़े सामानों को जब्त किया है। आरपीएफ की टीम ने चार नग अलग-अलग पर्सनल आईडी से बनी ई टिकट बुकिंग का हिस्ट्री का डाटा जब्त किया है। इसके अलावा उक्त संस्थान से कम्प्यूटर, जीओ वाई-फाई, एक मोबाइल, रेल ई-टिकट, 9900 नगदी, राजपूत हालीडे प्लानर एंड टै्रवल्र्स की सील, विकास सिंह नामक व्यक्ति का पहचान पत्र, विजिटिंग कार्ड एवं प्रिंटर जब्त किया गया है। उक्त संस्थान में बालको नेहरू नगर निवासी विकास सिंह सिसोदिया 37 वर्ष बैठता था।

वहीं संस्थान का मालिक सुमेध सिंह राजपूत को बताया जा रहा है। जिस पर भी आरपीएफ की टीम द्वारा कार्रवाई की जाएगी। रेलवे एक्ट ़़143 के तहत कार्रवाई की गई है। रेलवे पुलिस को इसकी सूचना मिली थी कि संस्थान से कई पर्सनल आईडी से लगातार ई टिकट बनाया जा रहा था। कोरबा की टीम ने बिलासपुर को इसकी जानकारी दी। बुधवार को जीआरपी के कोरबा प्रभारी रमेश राठौर सहित अन्य कार्रवाई में शामिल रहे।


आईआरसीटीसी से लगता है शुल्क, इसलिए पर्सनल आईडी से बनाते थे टिकट
नियम मुताबिक टै्रवल्र्स एजेंसी को टिकट के लिए अपनी आईआरसीटीसी के आईडी पासवार्ड से ही टिकट बुक करना होता है। लेकिन इसमें ट्रैवल्र्स एजेंसी को अधिक शुल्क जमा करना होता है। कमाई नहीं होती। लिहाजा एजेंसी संचालकों द्वारा दो से तीन पर्सनल आईडी बनाकर रखते हैं जिससे वे सीधे टिकट बनाएं और उसके लिए अलग से चार्ज भी नहीं देने पड़ते।


तत्काल टिकट की कमाई ही ट्रैवल्र्स एजेंसियों का मुख्य जरिया
तत्काल टिकट ही टै्रवल्र्स एजेंसियों का मुख्य जरिया है। शहर में दो दर्जन से भी ज्यादा ट्रैवल्र्स एजेंसी है। गर्मी की छुटिट्यों में कन्फर्म और तत्काल टिकट के लिए काफी मारा-मारी रहती है। एक तत्काल टिकट में पांच सौ से हजार रूपए तक की कमाई एजेंसी करते हैं। खासकर पर्सनल आईडी से बनवाने पर ज्यादा कमाई होती है।

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Published on:
30 May 2018 09:02 pm
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