- लखनऊ में अखिलेश यादव, हीरासिंह मरकाम की उपस्थिति में हुई बैठक में बनी सहमति
कोरबा. गोंगपा-सपा और बसपा के गठबंधन पर मुहर लग गई है। ये तीनों ही पार्टी छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में मिलकर चुनाव लड़ेंगे। लखनऊ में अखिलेश यादव, हीरासिंह मरकाम और बसपा के पदाधिकारियों के बीच हुई बैठक में इसकी सहमति बनी। १० को शहडोल में तीनों पार्टी के महासम्मेलन में इसकी औपचारिक घोषणा होगी।
आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर तीनों ही पार्टियों के बीच पिछले कुछ माह से अटकलें लगाई जा रही थी। गोड़वाना गणतंत्र पार्टी के सपा, बसपा और कांग्रेस के साथ गठबंधन पर चर्चा चल रही थी। २८ को लखनऊ में बैठक रखी गई थी। बैठक में सपा के प्रमुख अखिलेश यादव, गोगपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरा सिंह मरकाम और बसपा के राष्ट्रीय महामंत्री के त्रिपाठी के बीच लगभग डेढ़ घंटे तक गठबंधन पर चर्चा हुई।
तीनों के नेताओं ने गठबंधन को लेकर अपनी-अपनी सहमति दी। तीनों ही पार्टी अब सीजी-एमपी में एक साथ चुनाव लड़ेगी। इसके औपचारिक ऐलान के लिए १० सितंबर को शहडोल में महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जहां बसपा की सुप्रीमो मायावती, सपा के अखिलेश यादव और गोगपा के हीरासिंह मरकाम की उपस्थिति में शक्ति प्रदर्शन कर ऐलान किया जाएगा।
सीटों का इस तरह रहेगा गणित
तीनों ही पार्टी ने सीजी व एमपी दोनों ही प्रदेश के लिए सीटों का गणित अलग-अलग तय किया है। मध्यप्रदेश में गोगपा ७० से ७५ फीसदी सीटों पर प्रत्याशी उतारेंगे। वहीं एमपी के पांच सीटों पर अभी बसपा का कब्जा है। इन सीटों के आलावा मालवा क्षेत्र में बसपा हावी है। २३० सीटों में लगभग ५० से ५५ सीटों पर बसपा उतरेगी। वहीं शेष सीटों पर सपा अपने प्रत्याशियों को खड़ा करेगी। इसी तरह सीजी में आदिवासी सीटें लगभग २९ से ३२ जगहों पर गोगपा उतरेगी। वहीं बहुजन समाज पार्टी १३ सीटों पर तो वहीं सपा मैदानी इलाके वाली २० जगहों पर चुनाव लड़ेगी।
कांग्रेस के लिए अभी भी रास्ता खुला
गठबंधन पर बनी सहमति में कांग्रेस के लिए अब भी रास्ता खुला रखा है। कांग्रेस अगर इन तीनों के साथ महागठबंधन कर चुनाव में उतरती है तो उसके लिए बस्तर, रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा के कांग्रेस की पुरानी सीटों को छोडऩे को तैयार है। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह के भीतर यह भी फाइनल हो जाएगा।
- लखनऊ में हुई बैठक में गोंगपा-सपा और बसपा के बीच गठबंधन पर सहमति बन गई है। १० को शहडोल में सम्मेलन में तीनों ही पार्टी के सुप्रीमो इसकी औपचारिक घोषणा करेंगे- लाल बहादुर सिंह कोर्राम, राष्ट्रीय महासचिव, गोगपा