
ग्राम तौलीपाली उपस्वास्थ्य केंद्र का हाल ऐसा कि , गरीब परिवारों को नहीं मिल रहा इलाज का लाभ
करतला. एक तरफ शासन बड़ी-बड़ी स्वास्थ्य से संबंधित घोषणा कर रहा है। अभी आयुष्मान अभियान की जोरदार शुरुआत की गयी है, पर ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल स्वास्थ्य सुविधा को सुधारने की ओर न तो कोरबा के सीएमएचओ और न ही प्रशासन की ओर से कोई पहल की जा रही है।
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इसका जीता-जागता उदाहरण है कोरबा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत तौलीपाली में बने उपस्वास्थ्य केंद्र का है। आसपास गांव के गरीब परिवारों को इलाज का लाभ नहीं मिल पा रहा है और न ही गर्भवती महिलाओं का टीकारण, शिशुओं को टीकाकरण नही लग पा रहा है। गरीब ग्रामीणों को इलाज के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है।
तत्कालीन सचिव मोती राम निषाद से उक्त भवन के सम्बन्ध में पूछा गया तो बताया कि आठ साल पहले ग्रामीणों की मांग पर चिकित्सा विभाग ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए उपस्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत करके भवन निर्माण कार्य के लिए बजट स्वीकृत किया। स्वीकृत होने के बाद इसके निर्माण कार्य की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को दी गई थी।
पंचायत ने इसके लिए भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कर स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित किया गया। इसके बाद लोगों को उम्मीद थी कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इधर निरीक्षण करने भी नहीं आते जबकि जिला मुख्यालय में नियमित समीक्षा करते हैं।
चिकित्सा विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा ध्यान नही दिया जा रहा है जिससे मरीजो को इलाज के लिए भटकना पड़ता है- राबिन मिंज, ग्रामीण
अस्पताल बन्द होने से गर्भवती महिलाएं को ज्यादा परेशानी हो रही है डिलीवरी के लिए कोरबा ले जाना पड़ता है- हेमलाल झारिया, ग्रामीण
प्रशासन के लाखों रूपए खर्च होने के बाद भी उपस्वास्थ्य केंद्र बन्द पड़ी है भवन खण्डर में तब्दील होता जा रहा है- संजय कुमार गौड, ग्रामीण
उपस्वास्थ्य केन्द्र में शीघ्र ही नियमित रूप से खोल कर ग्रामीणों को सेवा दी जानी चाहिए। झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाना पड़ता है- गंगा राम, ग्रामीण