Balco Vedanta Plant Accident: कोरबा स्थित बालको वेदांता संयंत्र में एक और औद्योगिक हादसा सामने आया, जहां ग्राइंडर मशीन की चपेट में आने से श्रमिक की तीन उंगलियाँ कट गईं।
Balco Plant Accident: छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (BALCO) के वेदांता संयंत्र में एक बार फिर गंभीर औद्योगिक हादसा सामने आया है। इस घटना ने न सिर्फ एक श्रमिक की जिंदगी को प्रभावित किया, बल्कि कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, टाउनशिप विभाग में कार्यरत श्रमिक गणेश राम रविवार को अपने नियमित कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान ग्राइंडर मशीन की चपेट में आने से उनके हाथ की तीन उंगलियाँ कट गईं। प्रत्यक्षदर्शियों और सहकर्मियों का आरोप है कि हादसे के समय गणेश राम को बिना सुरक्षा उपकरण—विशेष रूप से सेफ्टी ग्लव्स—के काम कराया जा रहा था। यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो इस गंभीर दुर्घटना से बचा जा सकता था।
हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन की प्रतिक्रिया भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि घायल श्रमिक को तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। गंभीर हालत में उन्हें एक बाइक के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। उन्हें बालको अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। इस देरी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया, जिससे प्रबंधन की संवेदनशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
घटना की खबर मिलते ही गणेश राम के परिवार में मातम पसर गया। बच्चों की आँखों में आंसू और पत्नी के चेहरे पर चिंता और भय नजर आ रहा है। एकमात्र कमाने वाले सदस्य के साथ हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को असुरक्षा और आर्थिक संकट में धकेल दिया है। बता दें यह कोई पहली घटना नहीं है। वेदांता लिमिटेड के इस संयंत्र में पिछले कुछ समय से लगातार दुर्घटनाएं सामने आती रही हैं।
हर बार हादसे के बाद जांच और कार्रवाई की बातें जरूर होती हैं, लेकिन ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाए जाते, सुरक्षा मानकों का पालन ढीला रहता है और जिम्मेदारी तय नहीं होती है। परिणामस्वरूप, श्रमिकों की सुरक्षा आज भी जोखिम में बनी हुई है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों में आक्रोश है। उन्होंने मांग की है कि:
यह हादसा एक बार फिर यह दिखाता है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर अभी भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सख्ती से पालन और निगरानी भी उतनी ही जरूरी है।