
बैकुंठपुर/मनेंद्रगढ़। एमसीबी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ स्थित 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल से सोमवार की रात रेफर महिला मरीज को समय पर संजीवनी एक्सप्रेस नहीं मिली। 6 घंटे बाद एंबुलेंस आई, तब तक काफी देर हो चुकी थी। एंबुलेंस में शिफ्ट करते ही उसकी मौत (Patient died in MCB hospital) हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरु कर दिया। उनका कहना था कि यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो उसकी जान बच सकती थी। मामले में सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे और छुट्टी से लौटे अस्पताल अधीक्षक डॉ स्वप्रिल तिवारी का कहना है कि उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है।
बता दें कि एमसीबी जिले के नगर पंचायत नई लेदरी निवासी श्यामा बाई (60) को गंभीर हालत में सोमवार की शाम उसके परिजन मनेंद्रगढ़ के 200 बिस्तरीय सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इस दौरान डॉक्टर्स ने महिला की नाजुक हालत को ध्यान में रखते हुए शाम करीब 6 बजे उसे रायपुर के मेकाहारा अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि रेफर करने के बाद समय पर संजीवनी एक्सप्रेस 108 एंबुलेंस नहीं मिली। हमने एम्बुलेंस के लिए अस्पताल प्रबंधन से गुहार लगाई, लेकिन एंबुलेंस (MCB hospital ambulance) नहीं होने का हवाला दिया गया। ऐसे में मरीज को वहीं रखना पड़ा। फिर रात करीब 12 बजे अस्पताल में एंबुलेंस पहुंची। जैसे ही महिला मरीज को अस्पताल स्टाफ द्वारा एम्बुलेंस में शिफ्ट किया गया, उसकी वहीं मौत हो गई।
महिला की मौत होने के बाद उसके परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही व सुविधा नहीं दिए जाने का हवाला देते हुए ्शव को एम्बुलेंस में रखकर परिसर में हंमागा शुरु कर दिया। इस दौरान उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की। सूचना मिलते ही अस्पताल में पुलिस पहुंच गई। बाद में अस्पताल प्रबंधन के इस आश्वासन पर कि मामले की जांच की जाएगी, परिजन रात करीब 2-3 बजे शव घर ले गए।
इस संबंध में जब अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी ने पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं छुट्टी से आज ही लौटा हूं। मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं सीएमएचओ डा. अविनाश खरे (MCB CMHO) का कहना था कि मनेंद्रगढ़ सिविल अस्पताल में ऐसी कोई घटना ही नहीं हुई है। मुझे तो आपके माध्यम से ऐसी घटना होने की जानकारी मिल रही है।