कोरीया

Blood letter to CM: एनएचएम कर्मियों ने मुख्यमंत्री को खून से लिखा पत्र, सीरिंज से निकलवाया, कहा- हमें नियमित कर विशाल हृदय का दें परिचय

Blood letter to CM: छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के बैनर तले 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जारी है अनिश्चितकालीन हड़ताल
2 min read
Blood letter to CM
Letter wrote to CM with blood (Photo- Patrika)

बैकुंठपुर/मनेंद्रगढ़। एनएचएम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। इसी बीच मनेंद्रगढ़ के कर्मियों ने हड़ताल स्थल पर सीरिंज से खून निकलवाया (Blood letter to CM) और उसी खून से मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री व वित्त मंत्री के नाम पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने एनएचएम कर्मियों को नियमित करने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर हड़ताल के कारण कई स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं ठप पड़ी हैं। ग्रामीण अंचल के स्वास्थ्य केंद्रों में ताला लटकने लगे हैं।

छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के बैनर तले 10 सूत्रीय मांगों को लेकर स्वास्थ्य कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। एमसीबी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में एनएचएम कर्मचारियों का अनूठा प्रदर्शन देखने को मिला है। जो मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एवं वित्तमंत्री को अपनी 10 सूत्रीय मांगों को मनवाने के लिए खून से पत्र (Blood letter to CM) लिखा है।

NHM workers on strike (Photo- Patrika)

इसमें लिखा गया है कि हम संविदा एनएचएम कर्मचारी विगत 20 साल से नियमितीकरण की लड़ाई लड़ रहे हैं। किंतु आज तक हमारी मांगें पूरी नहीं हुई है। अत: आपसे निवेदन है कि एनएचएम कर्मचारियों (Blood letter to CM) को नियमित कर विशाल हृदय का परिचय दें।

हालांकि शासन की ओर से कर्मियों की मांगों के संबंध में बताया जा रहा है कि पांच मांगें पूरी कर ली गई हैं। मामले में कर्मचारी संघ का कहना है कि लिखित में अभी तक ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। इस वजह से हड़ताल जारी है।

Blood letter to CM: ये हैं प्रमुख मांगें

छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ का कहना है कि अनुभवी संविदा कर्मियों का सेवाकाल एवं कार्य की गुणवत्ता को ध्यान रख अन्य राज्यों की तर्ज पर संविलियन करें। एक अलग पब्लिक हेल्थ विभाग का गठन कर क्लीनिकल तथा मैनेजमेंट कैडर के एनएचएम कर्मचारियों (Blood letter to CM) को समायोजित करें।

साथ ही पद योग्यता एवं कार्य अनुभव के अनुसार समान कार्य के लिए समान वेतन की नीति लागू कर ग्रेड पे निर्धारित करें। इसके अलावा कार्य मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं।

कर्मचारियों ने कहा कि हम वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में अपना योगदान दे रहे हैं, लेकिन हमें न तो नौकरी की सुरक्षा मिली और न ही उचित वेतन हमारा काम स्थाई कर्मचारी जैसा है। बावजूद हमें कम वेतन और कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं दी जाती है।

Updated on:
26 Aug 2025 09:13 pm
Published on:
26 Aug 2025 09:13 pm