संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अब तक 100 से अधिक बार ज्ञापन और पत्र सरकार को सौंपे हैं, लेकिन हर बार उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया। अब कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे चुका है और जब तक उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल (Unique protest) जारी रहेगी।