
बैकुंठपुर। एमसीबी जिले में 1125 करोड़ की लागत से छत्तीसगढ़ का पहला नैचुरल घरेलू गैस प्लांट (Natural gas plant) स्थापित किया गया है। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने मनेंद्रगढ़ में डीसीयू (डी-कंप्रेशन यूनिट) गैस प्लांट का उद्घाटन कर पाइपलाइन से घर-घर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की रिफिलिंग शुरु कर दी है। हालांकि कुछ चुनिंदा घर के लोगों ने ही अभी इसका कनेक्शन लिया है। कंपनी की ओर से जुलाई माह पहला बिल भेजा गया है। भारी-भरकम बिल देखकर उपभोक्ता टेंशन में आ गए हैं। उन्होंने गैस कंपनी से शिकायत दर्ज कराई है।
एमसीबी जिले के मनेंद्रगढ़ में छत्तीसगढ़ का पहला नेचुरल घरेलू गैस प्लांट स्थापित किया गया है, जिसकी लागत 1125 करोड़ है। फरवरी 2026 में बीपीसीएल के पीएनजीआरबी की पीएनजी ड्राइव 2.0 के तहत योजना के तहत यह कार्य हुआ है। यहां शहर से 101 किलोमीटर दूर शहडोल मध्यप्रदेश से पाइपलाइन (Pipeline from MP) पहुंची है, जो मनेंद्रगढ़ सब स्टेशन से कनेक्ट है।
यहां से वार्डों में घनी आबादी के कुछ चुनिंदा लोगों ने ही कनेक्शन लिया है। इन घरों में पाइपलाइन से घरेलू गैस की आपूर्ति शुरू की गई है। जबकि शहर में सरकारी और निजी मिलाकर 7 हजार से अधिक घर हैं।
घरेलू गैस का पहला बिल जुलाई महीने का अगस्त माह में भेजा गया है। गैस खपत सहित जीएसटी, सर्विस चार्ज, रेंटल चार्ज जोडक़र 6 हजार तक पहुंचा है। पहला बिल देखकर उपभोक्ता चिंतित हो गए हैं। मामले को लेकर उपभोक्ताओं ने गैस कंपनी में शिकायत दर्ज कराई है।
योजना के तहत 5 जिले एमसीबी सहित कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा और बलरामपुर में सेवाएं शुरु होनी है। पाइपलाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। बताया जा रहा है कि नैचुरल गैस हल्की होती है, लीक होने पर जाम न होकर हवा से घर से बाहर निकल जाती है। 54 सब-स्टेशन के जरिए घरों तक पाइपलाइन से गैस पहुंचेगी।
फिलहाल पहले चरण में मनेंद्रगढ़ में पाइपलाइन से कुछ चुनिंदा घरों में गैस की आपूर्ति शुरु हुई है। आने वाले समय में पाइपलाइन के जरिए नेचुरल गैस (Natural gas news) की आपूर्ति की जाएगी। बताया जा रहा है कि पाइपलाइन गैस व्यवस्था लागू होने से लोगों को गैस सिलेंडर लेने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। उपभोक्ता जितना गैस का उपयोग करेंगे, उतना ही मासिक बिल का भुगतान करेंगे। लेकिन शुरुआत में बिल में कई तरह के चार्ज जोड़े गए हैं।
बीपीसीएल के मुताबिक शहडोल मध्यप्रदेश के रास्ते से मनेद्रगढ़ में यह योजना शुरू की गई है, जिसे पांच जिले में योजना को प्रारंभ करने की प्लानिंग है। योजना के तहत घर के बाहर एक मीटर पाइप लाइन के साथ लगाया गया है।
अगर घर के अंदर गैस लीक होती है तो तत्काल उस मीटर में एक इमरजेंसी नंबर है, उसमें कॉल करने से ड्यूटी में 24 घंटे राउंड में रहने वाले कर्मचारी 10 मिनट के अंदर शिकायतकर्ता के घर पहुंचेंगे। यह सस्ता होने के बाद अन्य गैस की तुलना में 15 दिन ज्यादा चलता है। यह भारत सरकार (Government of India) की एक सरल और सुलभ योजना है। सुरक्षा की दृष्टि से पूरी तरह खरा है और सस्ता भी है।