
बैकुंठपुर। एमसीबी जिले में स्वामी आत्मानंद स्कूलों की तर्ज पर ग्रामीण इलाके में स्थित 63 स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड से बच्चों को पढ़ाई कराने की तैयारी चल रही है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने स्मार्ट बोर्ड (Smard board) लगवाने प्रस्ताव बनाया है। बता दें कि जिले के सभी 7 स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड से विद्यार्थियों को पढ़ाई कराई जा रही है। अब जिले के 63 ग्रामीण विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिससे ग्रामीण विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा का लाभ मिलेगा। स्मार्ट बोर्ड से बच्चे विषयों से संबंधित चित्रों, वीडियो और एनिमेशन से आसानी समझ पाएंगे।
इंटरैक्टिव स्मार्ट बोर्ड के उपयोग से कक्षाओं में शिक्षण का तरीका अधिक रोचक, सरल और प्रभावी बनेगी। विद्यार्थी केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहेंगे, डिजिटल माध्यम से कठिन अवधारणाओं को दृश्य रूप में समझ पाएंगे। इससे विद्यार्थियों की विषयों के प्रति रुचि बढ़ाने में मदद मिलेगी। गणित (Mathematics) में सूत्रों, समीकरणों और ज्यामितीय आकृतियों को डिजिटल माध्यम से समझाया जाएगा।
भौतिकी में गति, प्रकाश और विद्युत जैसी जटिल अवधारणाओं को दृश्य प्रस्तुतियों के जरिए स्पष्ट किया जाएगा। वहीं रसायन विज्ञान में परमाणु संरचना और रासायनिक अभिक्रियाओं तथा जीव विज्ञान में कोशिका, मानव शरीर और जैविक प्रक्रियाओं को चित्रों एवं एनिमेशन के माध्यम से समझने में सहायता मिलेगी।
स्मार्ट बोर्ड कंप्यूटर शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे विद्यार्थियों को टाइपिंग, फाइल प्रबंधन और डिजिटल सुरक्षा जैसे विषयों की जानकारी मिलेगी। विद्यार्थी कंप्यूटर पर किए जाने वाले कार्यों को पहले देखकर समझ और फिर स्वयं अभ्यास से अपने कौशल को विकसित कर पाएंगे। इससे डिजिटल साक्षरता और तकनीकी दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
स्मार्ट बोर्ड की सुविधा को 63 ग्रामीण विद्यालयों तक विस्तार करने से विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों से जोडऩे में मदद मिलेगी, जो ग्रामीण और शहरी विद्यार्थियों के बीच डिजिटल शिक्षा (Digital Education) के अवसरों की दूरी कम करने, ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे बढऩे के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
विद्यार्थियों को विषयों की बेहतर समझ, व्यावहारिक ज्ञान और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप कौशलों से सशक्त बनाने, स्मार्ट बोर्ड से शिक्षा को अधिक सहभागितापूर्ण और अनुभव आधारित बनाने प्रयास किया जाएगा। जिससे विद्यार्थियों में सीखने की रुचि विकसित होगी और बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर पाएंगे।