
Smart interactive board
अंबिकापुर. शिक्षा गुणवत्ता के लिए संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2022 में 7 नग स्मार्ट इंटरएक्टिव बोर्ड की खरीदी की गई थी। खरीदी में भारी भ्रष्टाचार (Corruption) का आरोप छात्र नेता रचित मिश्रा ने लगाया है। उनका कहना है कि बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर बोर्ड की खरीदी की गई है। यह जानकारी उन्हें सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी से मिली है। इसकी शिकायत उन्होंने कुलपति से की है। कुलपति ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी के आधार पर छात्र नेता ने बुधवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रेम प्रकाश से मामले (Corruption) की शिकायत की है। आरोप है कि 12 अक्टूबर 2022 को विश्वविद्यालय शैक्षणिक विभाग द्वारा निशा साइंटिफिक के साथ अनुबंध किया गया और 7 नग स्मार्ट इंटरएक्टिव बोर्ड का आर्डर किया गया था।
इसमें प्रत्येक एक स्मार्ट इंटरएक्टिव बोर्ड (Corruption) की कीमत 6 लाख 97 हजार 857 रुपए यानी 7 नग स्मार्ट इंटरएक्टिव बोर्ड की कीमत 48 लाख 84 हजार 999 रुपए बताया गया। 4 नवंबर 2022 को संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय द्वारा यह भुगतान किया गया।
छात्र नेता ने बताया है कि इस अनुबंध यंत्र पर कहीं पर भी स्मार्ट इंटरएक्टिव बोर्ड के विशेष विवरण (स्पेसिफिकेशन) के बारे में नहीं बताया गया है कि बोर्ड कौन सी कंपनी की है, कितने इंच की है। बोर्ड में क्या-क्या फीचर्स हैं?
छात्र नेता का कहना है कि खुले बाजार में अच्छे से अच्छा व कई फीचर्स के साथ आने वाले स्मार्ट इंटरएक्टिव बोर्ड की कीमत अधिकतम 2 लाख 40 हजार रुपए (Corruption) तक है।
छात्र नेता ने आरोप लगाया है कि जाम पोर्टल का दुरुपयोग कर लगभग 3 गुना अधिक रेट में स्मार्ट बोर्ड की खरीदी कर संबंधितों द्वारा लाखों रुपए का भ्रष्टाचार किया गया है। खरीदी करने वालों द्वारा छात्र-छात्राओं की अमूल्य निधि का दुरुपयोग किया गया है।
कुलपति ने खुद स्वीकार किया है कि स्मार्ट बोर्ड आधे घंटे के भीतर ही गर्म (Corruption) हो जाता है और उसे बंद करना पड़ता है। जबकि इतने महंगे रेट पर खरीदे गए स्मार्ट बोर्ड 2 साल के अंदर ही खराब होने लगे है। इसलिए स्मार्ट बोर्ड की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि खरीदी में गड़बड़ी की गई है।
संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रेम प्रकाश ने कहा कि वर्ष 2022 में स्मार्ट इंटरएक्टिव बोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा खरीदी (Corruption) की गई थी। इसमें छात्र नेता ने उक्त खरीदी में गड़बड़ी की शिकायत की है। खरीदी का मामला पूरी तरह से संदेहास्पद है। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
08 Jan 2025 08:07 pm
Published on:
08 Jan 2025 08:07 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
