Fraud with policemen: पुलिसकर्मी ने ठेकेदार व उसकी पत्नी के खिलाफ थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट, कहा था- मेरी पहुंच मंत्रालय तक है, कई युवक-युवतियों की लगवा चुका हूं नौकरी
बैकुंठपुर. पुलिस लाइन में आवासीय कॉलोनी निर्माण कराने वाले ठेकेदार व उसकी पत्नी ने पुलिस वाहन शाखा प्रभारी (पुलिसकर्मी) से 7 लाख रुपए की ठगी (Fraud with policemen) कर ली। ठेकेदार ने उससे कहा था कि उसकी पहुंच मंत्रालय तक है, वह उसकी बेटी को आंगनबाड़ी सुपरवाइजर की नौकरी लगवा देगा। इसके लिए उसने 10 लाख रुपए की डिमांड की थी। जब वह रुपए नहीं दे रहा था तो ठेकेदार की पत्नी ने कहा था कि भरोसा नहीं हो रहा है तो आप मेरा ब्लैंक चेक रख लो। यदि नौकरी नहीं लगी तो ये चेक लगाकर पैसे वापस ले लेना। अब पुलिसकर्मी ने मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई है।
पुलिस लाइन बैकुंठपुर में वाहन शाखा प्रभारी के पद पर पदस्थ जनक राम तिवारी ने कोतवाली में रिपोट दर्ज कराई है। उसने बताया कि पुलिस लाइन में आवासीय कॉलोनी 164 ब्लॉक का निर्माण के लिए ठेकेदार विनय नागपुरे यहां आया था। इस दौरान मेरी बेटी की नौकरी आंगनबाड़ी सुपरवाइजर में लगाने के नाम से विनय नागपुरे एवं उसकी पत्नी स्नेेहा विनय नागपुरे ने 7 लाख ठगी (Fraud with policemen) की है।
धोखाधड़ी कर जनवरी 2022 में उन्होंने रुपए लिए। दोनों आरोपी वार्ड नंबर 6 कमलेश्वर नागपुर जिला नागपुर महाराष्ट्र और पिन आनन्दम कॉलोनी रायपुर के निवासी हैं। जनक राम तिवारी ने बताया कि विनय नागपुरे ने कहा था कि मेरा मंत्रालय में संबंध अच्छा है। मेरी पकड़ के कारण कई युवक-युवतियों की नौकरी लगवा (Fraud with policemen) चुका हूं। आपकी पुत्री का आंगनबाड़ी सुपरवाइजर में नौकरी लगवा दूंगा, उसके लिए 10 लाख मुझे देना होगा।
युवती के पिता ने बताया कि वे ठेकेदार (Fraud with policemen) की बातों में नहीं आ रहे थे, तब उसकी पत्नी स्नेहा नागपुरे ने मुझसे कहा कि आप 10 लाख दे दीजिए। आपको विश्वास नहीं हो रहा है तो मैं अपना स्टेट बैंक का खाली चेक दे देती हूं।
नौकरी नहीं लगने पर चेक लगाकर पैसा ले लेना। तब मैं दोनों के झांसे में आकर अपनी बिटिया के विवाह के लिए 7 लाख बचा कर रखा था। उसे मैंने 2 किस्त में 5 लाख और 2 लाख रुपए नकद विनय नागपुरे को दे दिया था।
जनक राम ने बताया कि जब बेटी की नौकरी नहीं लगी, तब मैंने दोनों से पैसा मांगा। तब दोनों टालमटोल करते रहे। इसपर मैंने स्नेहा नागपुरे का दिया हुआ चेक क्रमांक 2502** को स्टेट बैंक में लगाया। जहां बैंक ने बताया कि चेक में हस्ताक्षर अलग-अलग है। इससे मानसिक रूप से परेशान हो गया।
कई बार मिन्नतें करने के बाद आरोपी विनय नागपुरे ने मेरे खाते में अब तक कुल 1 लाख 45 हजार लौटाया, लेकिन शेष रकम 5 लाख 55 हजार अब तक नहीं लौटाया है। मामले (Fraud with policemen) में पुलिस ने आरोपी दंपती के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।