Paddy procurement rule changed: धान खरीदी के अब सिर्फ 7 दिन शेष, धान खरीदी केंद्रों के बाहर लगी किसानों की लाइन, आवेदन देने उमड़ रहे किसान
बैकुंठपुर। समर्थन मूल्य पर धान बिक्री करने के लिए नियम (Paddy procurement rule changed) बदल दिया गया है। ऑनलाइन टोकन बंद होने के बाद अब आवेदन देने पर पहले सत्यापन होगा, उसके बाद किसान का टोकन काटा जाएगा। फिलहाल धान खरीदी करने सिर्फ 7 दिन शेष है। इधर टोकन कटवाने के लिए किसानों के आवेदन की संख्या बढऩे लगी है।
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित है। हालांकि, 31 जनवरी को शनिवार है, इस दिन धान खरीदी नहीं होती है, लेकिन शासन ने धान खरीदी करने का निर्णय लिया है। समिति प्रबंधन अंतिम तिथि का टोकन काट रहा है। दूसरी ओर नियम में बदलाव (Paddy procurement rule changed) कर दिया गया है।
अब समिति में धान खरीदी के लिए आवेदन करने पर पहले सत्यापन होगा, फिर टोकन कटेगा। फिलहाल प्रत्येक समिति में टोकन कटवाने वाले किसानों की संख्या रोजाना बढऩे लगी है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति जामपारा में बुधवार तक 55 आवेदन आए हैं, जिसमें 46 आवेदन का सत्यापन (Paddy procurement rule changed) हो चुका है। अब टोकन काटने की प्रक्रिया शुरू होगी।
कोरिया में 21 उपार्जन केंद्र के माध्यम से अब तक 1 लाख 4 हजार 245.92 टन धान खरीदी हो चुकी है। इस दौरान 18 हजार 17 पंजीकृत किसान धान बेच चुके हैं। हालांकि, समितियों (Paddy procurement rule changed) में पंजीकृत 5 हजार 311 किसान अभी तक धान नहीं बेच पाए हैं। ऐसे में 31 जनवरी तक यानी 7 दिन के भीतर किसानों का धान खरीदी करनी होगी।
इसमें 1530किसान बिना कैरी फॉरवर्ड वाले शामिल हैं। इनका समिति की लापरवाही से पुराना पंजीयन डेटा कैरी फॉरवर्ड नहीं हुआ है। एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन और कैरी फॉरवर्ड नहीं होने के कारण करीब 1 हजार 530 किसान धान बिक्री करने से वंचित हो गए हैं।
आदिम जाति सेवा समितियों से धान उठाव (Paddy procurement rule changed) की रफ्तार धीमी है। इससे कई समितियों में धान रखने के लिए जगह नहीं बची है। हालांकि, रेकॉर्ड में 51325 टन का डीओ (डिलीवरी ऑर्डर) जारी कर दिया गया है। जबकि 52 हजार 921 टन समितियों में धान पड़ा हुआ है। इससे कई समितियों में धान बेचने आने वाले किसानों को तौल करने पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है।