
बैकुंठपुर। अब सडक़ों पर ट्रैक्टर चलाने का नियम (Tractor driving on the road rules) बदलने वाला है। केज व्हील लगाकर चलने वाले ट्रैक्टरों पर सख्ती बरतने, डामरीकृत सडक़ों को नुकसान और हादसों (Road accident) की आशंका को लेकर सख्ती बरतने की तैयारी है। कृषि कार्य के नाम पर पंजीकृत और खेतों में उपयोग के लिए लगाए जाने वाले लोहे के दोहरे पिंजरे (आयरन केजव्हील) वाले ट्रैक्टरों के सडक़ों पर चलाने को लेकर लोक निर्माण विभाग ने चिंता जताई है। प्रमुख अभियंता ने परिवहन विभाग को पत्र लिखकर ऐसे ट्रैक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई करने, परिवहन अधिकारियों को निर्देश जारी करने अनुरोध किया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि त्रिलोचन पटेल ने उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर जनहित याचिका के संदर्भ में परिवहन विभाग की ओर से शपथ पत्र प्रस्तुत किया था। साथ ही परिवहन आयुक्त का 30 सितंबर 2025 का पत्र भी संलग्न था। इसमें स्पष्ट किया गया था कि ट्रैक्टर (Tractor use) मुख्य रूप से खेतों में उपयोग के लिए बनाए जाते हैं। उसमें लगाए जाने वाले नुकीले दोहरे पिंजरे वाले पहियों का उपयोग केवल कृषि कार्यों के लिए किया जाना चाहिए।
ग्रामीण अंचल में कई किसान बिना लोहे के पिंजरों को हटाए ही ट्रैक्टरों को डामर, सीमेंट सडक़ों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर दौड़ा रहे हैं, जो मोटर वाहन नियमों के विपरीत (Rules for Tractor on the road) है। इससे सडक़ें क्षतिग्रस्त होती हैं और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। परिवहन विभाग ने करीब 8 महीने पहले जिला प्रशासन के सहयोग से जनजागरूकता अभियान चलाने, ग्रामीण क्षेत्रों में मोटरयान नियमों की जानकारी देने, स्थानीय स्तर पर जागरूक करने तथा उल्लंघन करने वाले वाहनों पर चालानी कार्रवाई करने निर्देश जारी किए थे।
बताया जा रहा है कि कुछ क्षेत्रों में पुन: बिना रबर टायर लगाए लोहे के दोहरे पिंजरे वाले ट्रैक्टरों का सडक़ों पर उपयोग किया जा रहा है। इससे सडक़ों की सतह को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत शपथ पत्र का भी उल्लंघन (Tractor Rules violation) हो रहा है।
मामले में प्रमुख अभियंता ने परिवहन विभाग से अनुरोध किया है कि परिवहन अधिकारियों को निर्देश जारी कर बिना रबर टायर वाले दोहरे पिंजरे युक्त ट्रैक्टरों के सडक़ संचालन पर तत्काल प्रतिबंध लगाएं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करें।
जिला परिवहन कार्यालय में 600 से अधिक ट्रैक्टर का कृषि कार्य (Tractor use in Agriculture work) के नाम पर रजिस्ट्रेशन कराया गया है। लेकिन अधिकांश ट्रैक्टर का कमर्शियल उपयोग में लगाया गया है। ग्रामीण अंचल में चलने वाले ट्रैक्टर ईंट, गिट्टी, रेत सहित अन्य निर्माण सामग्री परिवहन में उपयोग हो रहे हैं।
बताया जाता है कि कृषि कार्य व कमर्शियल उपयोग के नाम पर ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित है। कृषि कार्य के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट मिलती है। वर्ष 2000-2025 तक करीब दर्जनभर टै्रक्टर कमर्शियल उपयोग करने के लिए रजिस्टर्ड हैं। मॉनीटरिंग नहीं होने के कारण ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में चलने वाले अधिकांश टै्रक्टर को कमर्शियल उपयोग में लगा दिया गया है। जबकि कमर्शियल रजिस्ट्रेशन नहीं कराने से राजस्व का क्षति होती है।
कोरिया-एमसीबी जिले के 5 विकासखण्ड में औचक निरीक्षण करते समय दर्जनभर ट्रैक्टर को अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन कार्य में संलिप्त होने के कारण कार्रवाई की जाती है है। हालांकि, जुर्माना सहित अन्य कागजी कार्रवाई करने के बाद छोड़ दिया जाता है। इससे ग्रामीण अंचल के अधिकांश ट्रैक्टर को अवैध व कमर्शियल उपयोग में लगाया गया है। हाल ही में अवैध रेत खनन व परिवहन करते आए दिन ट्रैक्टर पकड़े जा रहे हैं।
इस संबंध में कोरिया जिले के परिवहन अधिकारी (Koria RTO officer) का कहना है कि केजव्हील के साथ ट्रैक्टर को सडक़ों पर चलाने को लेकर निर्देश आए हैं। इससे सडक़ों को नुकसान होता है।