
बैकुंठपुर। कोरिया जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में मंगलवार की शाम सर्पदंश (Snake bite) से पीडि़त 10 वर्षीय बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। दरअसल सांप डसने की घटना के बाद परिजन बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। लेकिन यहां पदस्थ डॉक्टरों ने उसका डेढ़ घंटे तक इलाज नहीं किया। इस स्थिति में बच्चे की हालत और बिगड़ती चली गई। बताया जा रहा है कि डॉक्टरों को यह समझ में नहीं आया कि बच्चे को सांप ने डसा है या किसी अन्य जहरीले जीव ने काटा है।
अंत में बच्चे की हालत गंभीर देखकर उन्होंने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। यहां डॉक्टरों ने उसे एंटी स्नेक वेनम का इंजेक्शन (Anti Snake venum) लगाया, लेकिन सुधार नहीं आया। ऐसे में वहां से भी उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर भेज दिया गया। फिलहाल बच्चे की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसकी सूचना मिलने पर स्थानीय जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे और प्रबंधन पर जमकर भडक़े।
कोरिया जिले के पटना विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत महोरा निवासी अनुज (10) को शनिवार को जहरीले जीव ने काट लिया था। इसके बाद परिजन शाम 6.30 बजे पटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर को उन्होंने बताया कि कि बच्चे को कुछ जहरीले जीव (Snake bite Child) ने काटा है।
लेकिन ड्यूटीरत डॉक्टर 90 मिनट तक नहीं समझ पाए कि बच्चे को सांप ने डसा है। इस बीच बच्चे का इलाज नहीं हुआ। अचानक बच्चा गंभीर स्थिति में पहुंच गया, तब आनन-फानन में डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल बैकुंठपुर रेफर कर दिया गया।
जिला अस्पताल पहुंचने के बाद डॉ. अभिषेक सिंह ने बच्चे को एंटी स्नैक वैक्सीन लगाकर बच्चे को बचाने का प्रयास किया। लेकिन बच्चे की स्थिति गंभीर हो चुकी थी। उसको वेंटीलेटर की जरूरत थी। मामले में तत्काल बच्चे को मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर कर दिया गया। अंबिकापुर में उसकी स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है।
सीएचसी में सर्पदंश पीडि़त बच्चे का इलाज नहीं होने की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि पहुंचे और अस्पताल की व्यवस्था पर नाराजगी जताई।
नगर पंचायत अध्यक्ष गायत्री सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधि रवि शंकर शर्मा, विधायक प्रतिनिधि अंशु देवांगन, महेंद्र सिंह, शाहिद अशरफी, सौरभ दुबे, सौरभ ठाकुर, कौशलेन्द्र गुप्ता ने अस्पताल प्रबंधन से बात की। साथ ही विधायक भइयालाल राजवाड़े से फोन पर बच्चे का बेहतर इलाज कराने की मांग रखी।