कोरीया

Fertilizer scam in Koria: सोसायटी मैनेजर की एक और करतूत, 115 किसानों को कागजों में बांट दिया खाद, जबकि गोदाम था सील

Fertilizer scam: कोरिया जिले के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति जिल्दा का मामला, अब किसान ने मामले की शिकायत कर जांच और कार्रवाई की लगाई गुहार
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Fertilizer scam in Koria
Huge fertilizer scam, खाद गोदाम की जांच करते अधिकारी (Photo- Patrika)

बैकुंठपुर. आदिम जाति सेवा सहकारी समिति जिल्दा के 4 खाद गोदाम (Huge fertilizer scam) को प्रशासन ने सील कर दिया था। इसके बाद भी सोसायटी मैनेजर ने चोरी-छिपे घर-घर जाकर 115 से ज्यादा किसानों को कागजों में खाद वितरण कर दिया है। अब किसानों ने मामले की शिकायत कर खाद दिलाने या खाद का पैसा सोसायटी मैनेजर से वसूली करने की गुहार लगाई है। ग्राम पंचायत बचरा में 12 मई को आयोजित सुशासन शिविर में जिल्दा समिति में खाद घोटाले की शिकायत दर्ज कराई गई थी।

इस मामले में विधायक भइया लाल राजवाड़े सहित प्रशासनिक अधिकारी जिल्दा समिति पहुंच थेे। जहां समिति कार्यालय-गोदाम में ताला लगा था। इस दौरान समिति प्रबंधक को कई बार फोन कर मौके पर बुलाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर नहीं पहुंचे। साथ ही 13 मई को सहायक पंजीयक सहकारिता, बचरापोड़ी तहसीलदार, पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी।

ग्रामीणों के विरोध और मांग के बाद चार गोदाम को सील (Huge fertilizer scam in Koria) कर दिया गया था। फिर संयुक्त टीम ने 27 मई को सत्यापन करने पहुंची थी। इसी बीच आरोपी मैनेजर अखिल चंद ने 13 से 20 मई तक आनन-फानन में पंजीकृत 115 से ज्यादा किसानों को घर-घर जाकर रेकॉर्ड में खाद वितरण कर दिया था। लेकिन किसानों को खाद नहीं मिला है।

अब खेती-बाड़ी के सीजन में किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। मामले में 247 मीट्रिक टन खाद गायब करने के आरोपी मैनेजर अखिल चंद के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध होने के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं सहायक पंजीयक सहकारिता आयुष प्रताप सिंह, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक नोडल अधिकारी कल्लू प्रसाद मिश्रा भी निलंबित हो चुके हैं।

Huge fertilizer scam: 68 लाख के खाद की हुई थी हेराफेरी

जिल्दा सहकारी समिति में 247 मीट्रिक टन खाद को बिचौलियों को बेचने के मामले में समिति प्रबंधक अखिल चंद को उसके घर जिल्दा से गिरफ्तार कर 200 बोरी खाद बरामद हुआ है। गौरतलब है कि कृषि, राजस्व एवं सहकारिता विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में जिल्दा समिति के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया था,

जहां ऑनलाइन रेकॉर्ड के अनुसार समिति में कुल 431.55 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध होना दर्शाया गया था। जबकि गोदाम में मात्र 184.80 मीट्रिक टन उर्वरक पाया गया। स्टॉक में कुल 246.75 मीट्रिक टन खाद गायब थी। जिसकी कीमत 68 लाख है।

Updated on:
09 Jun 2026 09:15 pm
Published on:
09 Jun 2026 09:15 pm