कोरीया

Usury case: सूदखोरी: 2 आदिवासी परिवार से 23.71 लाख की ठगी, महिला समेत 3 आरोपी गिरफ्तार

Usury case: सीएमपीएफ की राशि निकलवाकर अपने खाते में कर लिया था जमा, पीडि़तों ने थाने में दर्ज कराई थी रिपोर्ट

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3 usurer arrested (Photo- Patrika)

बैकुंठपुर. कोरिया जिले के पटना क्षेत्र में आदिवासी परिवार से 23.71 लाख रुपए की ठगी और सूदखोरी का मामला सामने आया है। पीडि़त की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी सूदखोर (Usury case) राजू खान उर्फ मो. जमील सहित 3 आरोपी को गिरफ्तार कर शनिवार को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। बता दें कि मुख्य आरोपी राजू खान पूर्व में भी सूदखोरी के मामले में जेल जा चुका है। वह कॉलरीकर्मियों को ब्याज पर पैसे देता था। पीडि़त 2 कॉलरीकर्मियों ने भी उससे रुपए उधार में लिए थे।

सूदखोरी (Usury case) के मामले में पटना पुलिस तीनों आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं तथा एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी मो. जमील उर्फ राजू खान (45) निवासी डबरीपारा बैकुंठपुर, राजेश कुर्रे उर्फ पप्पू कुर्रे (42) निवासी ग्राम सोरगा भण्डारपारा तथा सुनीता कुमारी सिंह (40) निवासी हिरागीर दफाई हल्दीबाड़ी चिरमिरी हाल मुकाम सुभाष नगर चरचा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

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पुलिस के मुताबिक पीडि़त जीतन और जगजीवन पाण्डवपारा थाना पटना क्षेत्र के निवासी हैं। इन्हें झांसे में लिया गया और जीतन के सीएमपीएफ खाते से 15 लाख तथा जगजीवन के खाते से 8 लाख 71 हजार 250 रुपए कुल 23 लाख सुनीता कुमारी सिंह (Usury case) के खाते में जमा करवाए थे।

फिर सुनीता के खाते से पैसा निकालकर मुख्य आरोपी राजू खान ने अपने पास रख लिया। पुलिस ने आरोपी राजू खान से 15 हजार 500 रुपए नगद जब्त किया है। मामले में एक अन्य आरोपी फरार है। कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पांडेय, एएसआई इन्द्रजीत सिंह सहित पुलिस स्टाफ शामिल थे।

Usury case: चरचा कॉलरी क्षेत्र में सूदखोरों का फैला है नेटवर्क

बताया जाता है कि आरोपी राजू खान कुख्यात सूदखोर (Usury case) है। उसके विरुद्ध पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। विशेषकर कोयलांचल क्षेत्र में कार्यरत कॉलरी कर्मचारियों को अधिक ब्याज पर बड़ी रकम उधार देता था। कई कर्मचारियों को 10 से 15 लाख तक उधार देकर कागजी समझौते कर प्रतिमाह लगभग 20 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूलता है।

चरचा कॉलरी क्षेत्र में सूद ब्याज (Usury case) का नेटवर्क फैला हुआ है। आरोपी पहले भी जेल जा चुका है। मामले में पुलिस ने लोगों से कहा है कि कभी भी अवैध सूदखोरों से कर्ज लेने से बचें। जरूरत होने पर राष्ट्रीयकृत बैंक, सहकारी बैंक अथवा मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थाओं से ही ऋण लें।

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Published on:
07 Mar 2026 08:50 pm
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