Water crisis in Chirimiri: नगर निगम चिरमिरी के पुराना गोदरीपारा में पेयजल संकट से जूझ रहे रहवासी, 3-4 दिन में नल से आता है पानी, तपती दोपहर में लाइन लगाने को विवश हैं महिलाएं
बैकुंठपुर। एमसीबी जिले में नगर निगम चिरमिरी के वार्ड क्रमांक 33 पुराना गोदरीपारा में भीषण गर्मी में पेयजल संकट (Water crisis) गहराने से लोग परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि यहां रहने वाले परिवार सुबह से पानी की व्यवस्था में जुट जाते हैं। क्योंकि एक नल के सहारे कई परिवार आश्रित हैं। उस नल में पानी आने का हर कोई बेसब्री से इंतजार करता है। वार्ड की महिलाएं तेज धूप, गर्म हवाओं और बीमारियों के खतरे के बीच घंटों पानी भरने को मजबूर हैं। बावजूद नगर निगम पेयजल संकट का समस्या नहीं कर पाया है। अब महिलाओं का सब्र भी टूटता जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वार्ड को उसी बदहाल स्थिति में छोड़ देते हैं। अब लोगों का गुस्सा सामने आने लगा है।
हाल ही में चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। वार्डवासियों का कहना है कि लोगों को तेज धूप में पानी भरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जबकि घरों में छोटेे बच्चे बीमार हैं। बावजूद जिम्मेदारों को परेशानी (Water crisis in Godaripara) दिखाई नहीं दे रही है।
वार्डवासियों ने बताया कि पानी के लिए कई बार तीन-चार दिन या सप्ताह गुजर जाने के बाद नल में पानी आता है। मजबूरी में लोगों को दूर से डब्बों और बाल्टियों में पानी ढोना पड़ रहा है। महापौर और पार्षद के पास कई बार शिकायत की गई। मौके पर महापौर वार्ड में आए और काम शुरु कराने का आश्वासन दिया, लेकिन आज तक कोई काम शुरू नहीं हुआ। अब हालात ऐसे हैं कि हैं कि फोन करने पर जिम्मेदार उठाना बंद कर दिए हैं।
इससे पुराना गोदरीपारा में पानी की समस्या (Water problem) को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। क्योंकि वार्डवासी पानी के लिए रात को जागने और तपती दोपहर में लाइन लगाने को मजबूर हैं। वार्डवासियों का कहना है कि हमें किसी बड़ी सुविधा की जरूरत नहीं, सिर्फ हमारे घरों तक नियमित पानी पहुंचाएं, ताकि हमें हर दिन पानी के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा।
खुशबू दास बताती हैं कि वार्ड में पानी की समस्या (Water shortage) कोई नई बात नहीं है। कई वर्षों से यह चली आ रही है। कई पार्षद आए और चले गए, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। वार्ड के लोग सिर्फ एक ही मांग कर रहे हैं, नियमित पानी चाहिए, लेकिन यह बुनियादी मांग भी पूरी नहीं हो रही है।
वहीं सीमा का कहना है कि पानी भरते-भरते लोग बीमार पड़ रहे हैं, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी ने राहत नहीं दिलाई। वार्ड में पानी आने का कोई तय समय नहीं है। कभी रात 12 बजे, कभी रात 2 बजे तो कभी दोपहर में अचानक नल खुलता है। इससे लोगों को हर समय पानी के इंतजार करना पड़ता है।