चिकित्सक संघ ने रविवार को राज्य की कोर कमेटी एवं सभी जिलाध्यक्षों, महासचिवों की बैठक जयपुर में बुलाई और एक फैसला लिया है।
कोटा . 33 जिला 33 मांग पत्र को लेकर एक माह से ज्यादा समय से असहयोग आंदोलन कर रहे 10 हजार सेवारत चिकित्सक राज्य सरकार को एक साथ इस्तीफा सौंपेंगे। इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। संघ ने प्रदेशभर के चिकित्सकों से इस्तीफे लेना शुरू दिए है। इस मामले को लेकर संघ ने रविवार को राज्य की कोर कमेटी एवं सभी जिलाध्यक्षों, महासचिवों की बैठक जयपुर में बुलाई है। इसमें सामूहिक त्याग पत्र एवं सामूहिक अवकाश की तिथि घोषित की जाएगी।
संघ के प्रदेश महासचिव डॉ. दुर्गाशंकर सैनी ने बताया कि चिकित्सक गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। मौसमी बीमारियों को देखते हुए चिकित्सकों ने मानवीय भावना को ध्यान में रखते हुए मरीजों को देखने का कार्य जारी रखा, लेकिन सरकार की बैंठकों, वीडियो कॉन्फ्रें सिंग, शिविर व योजना का बहिष्कार किया।
कोटा के नयापुरा आईएमए हॉल के बाहर एकत्र होकर 16 अक्टूबर से चिकित्सक मुख्यमंत्री को रिझाने के लिए आरती कर रहे हैं। दीपावली पर भी कोटा के सेवारत चिकित्सकों ने आईएमए हॉल के बाहर काली दीपावली मनाई। अपने घरों पर सजावट नहीं की। काला बधाई संदेश पत्र प्रेषित कर नाराजगी जाहिर की। बावजूद सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। मजबूरन चिकित्सकों को अवकाश व इस्तीफे जैसा कदम उठाना पड़ रहा है।
ये हैं मांगें
- एक पारी चिकित्सा संस्थान संचालन।
- पृथक मेडिकल केडर की स्थापना।
- चिकित्सकों को छह वर्ष की सेवा अवधि पर डीएसीपी का लाभ पूर्व नियमानुसार समयबद्ध दिया जाए।
- पंचायतीराज से मुक्ति।
- प्रीपीजी में 10, 20, 30 का लाभ यथावत रखा जाएं।
- तृतीय डीएसीपी 8700 ग्रेड-पे का लाभ एवं 10,000 ग्रेड-पे का लाभ भी मिले।
- सुरक्षा, चिकित्सक आवास, चिकित्सा संस्थानों पर पर्याप्त उपकरण एवं दवाइयां।
- चिकित्सकों को एकाउन्टेन्ट, एलडीसी, लीगल एडवाइजर उपलब्ध कराए जाए।