मुम्बई से दिल्ली के बीच चलने वाली अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस में 15 लाख रुपए की चोरी हुई। लगभग 8 कोचों में सो रहे यात्रियों के साथ हुई वारदात।
अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस में रतलाम और कोटा के बीच करीब 7 से 8 कोचों में करीब 12 से 15 यात्रियों के बैग और महिलाओं पर्स चोरी होने का मामला सामने आया है। करीब 15 लाख रुपए की चोरी हुई है। चौकाने वाली बात यह है कि चोर अपने काम को इस तरह अंजाम दिया कि किसी को भनक तक नहीं हुई। कोटा में ट्रेन को आने में देर हुई तो लोगों ने इसकी वजह पता की, तब जाकर लूट की वारदात की जानकारी मिली।
रास्ते में यात्रियों की नहीं हुई सुनवाई
अगस्त क्रांति में हुई चोरी की जानकारी जब यात्रियों को लगी तो उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। दिल्ली पहुंचने के बाद यात्रियों ने टिकट निरीक्षक के माध्यम से जीआरपी को रिपोर्ट दी है। चोर महिलाओं के बैग में रखी सभी चीजें ले गए। कुछ मोबाइल फोन ट्रेन में ही छोड़ गए।
17 घंटे का सफर
ए-4 में बर्थ संख्या-7 पर सफर कर रही एस.नेगी, बी-7 में बर्थ संख्या-1 और 4 पर अतिका फारूख और उनके परिजन सफर कर रहे थे। उनका सामान चोरी हो गया। बी-६ में बर्थ संख्या 43 पर सफर कर रहे अश्वनी का बैग भी चोरी हुआ। इसी तरह ए-१ में योगेश और अन्य सह यात्रियों सहित विभिन्न कोचों में करीब 12 से 15 यात्रियों का सामान चोरी हुआ है। यह ट्रेन शाम 5.40 बजे मुंबई से रवाना होकर दूसरे दिन सुबह 10.50 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचती है। मुंबई से दिल्ली का सफर करीब 17 घंटे 10 मिनट में पूरा होता है। कोटा जंक्शन पर 5.10 बजे पहुंचती है।
चोरी की सूचना मिली थी
जीआरपी के उपअधीक्षक रोहिताश्व शर्मा ने कहा राजधानी एक्सप्रेस में यात्रियों के सामान चोरी होने की सूचना मिली थी। ट्रेन के बुधवार को कोटा पहुंचने पर इस संबंध में यात्रियों से जानकारी चाही तो उन्होंने घटना मंगलवार रात को रतलाम स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में होना बताया। ट्रेन लेट होने की बात कहते हुए यात्रियों ने रिपोर्ट दिल्ली में देने की बात कही।