कोटा में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालत इस कदर भयावह हैं कि एक ही दिन में 4 मरीजों की मौत हो गई।
कोटा संभाग में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। गुरुवार के दिन ही 4 और मरीजों की डेंगू से मौत हो गई। प्राईवेट हॉस्पिटल में भर्ती श्रमिक कॉलोनी बारां निवासी 14 वर्षीय अंकित उर्फ आशु पुत्र राकेश की डेंगू की चपेट में आकर मौत हो गई। वहीं केशवपुरा निवासी 62 वर्षीय छीतरलाल पुत्र छोगा लाल की भी निजी चिकित्सालय में मौत हो गई। इस बीमारी की चपेट में आकर तलवंडी के निजी अस्पताल में कोटा निवासी मांगी बाई व शिवचरण का दम भी टूट गया।
अब तक हुई 50 लोगों की मौत
कोटा संभाग में अब तक डेंगू से 50 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं स्वाइन फ्लू से अब तक 24 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. लवानिया ने बताया कि गुरुवार को डेंगू के 47 मामले सामने आए हैं, जिसमें 35 मामले कोटा के, 7 बारां, 6 बूंदी व 1 मामला चित्तौड़ का है।
कागजों में गड़बड़
कागजों में हो रहा गड़बड़झाला लगातार सामने आ रहा है। एमबीएस चिकित्सालय, जेकेलोन व न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब तक आउटडोर व इनडोर में 1361 इलाइजा पॉजीटिव आए हैं, जबकि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में केवल 1104 मामले ही बताए जा रहे हैं।
एक्पर्ट बोले- एलाइजा सुविधा बढ़ाएं या कार्ड टेस्ट मानें
वहीं इस मामले में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भी आवाज उठाना शुरू कर दिया है। डॉ. के श्रंगी ने कहा कि कार्ड टेस्ट से डेंगू लक्षण मिल जाते हैं। यदि सरकार कार्ड टेस्ट नहीं मानती तो एलाइजा कन्फर्म के लिए सुविधा उपलब्ध कराए। वहीं डॉ. बीसी तैलंग ने कहा कि फीवर पर मरीज का कार्ड टेस्ट करने पर डेंगू लक्षण पता चल जाते है।इन्हें भी डेंगू ग्रस्त मान सकते हैं। जबकि डॉ. रूपेश पंवार का कहना है कि कार्ड टेस्ट एलाइजा का ही पार्ट है। एलाइजा सिर्फ सेन्ट्रल लैब में है। सरकार सुविधा बढ़ाए या निजी रिपोर्ट माने।
ये तलाश रहे बचने के रास्ते
मेडिकल कॉलेज न्यू हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनोज सलूजा कहते हैं कि कार्ड टेस्ट में डेंगू के प्रारंभिक लक्षण मिलते हैं, एलाइजा में कन्फर्म होता है। सरकार कार्ड टेस्ट को नकार नहीं रही है। वहीं एमबीएस हॉस्पिटल के मेडिसिन डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. निर्मल शर्मा कहते हैं कि कार्ड टेस्ट तुरंत रिजल्ट देने वाला है, इलाज तो शुरू किया जा सकता है लेकिन इसमें फाल्स रिजल्ट आने संभावना होती है। ऐसे में पॉजीटिव आने पर इसे एलाइजा से कन्फर्म किया जाना चाहिए।