कोटा

​रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए अधिकारी का 10 माह बाद मंजूर हुआ अभियोजन

राशन डीलर से रिश्वत लेने का मामला में रसद विभाग बूंदी के तत्कालीन प्रवर्तन अधिकारी कुरैशी के खिलाफ सरकार ने जारी की अभियोजन स्वीकृति।

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Oct 27, 2017
रिश्‍वत लेते धरे गए अधिकारी

जिला रसद अधिकारी कार्यालय बूंदी के तत्कालीन प्रवर्तन अधिकारी इरफान कुरैशी के खिलाफ राज्य सरकार ने अभियोजन स्वीकृति जारी की है, जिसे अनुसंधान अधिकारी ने गुरुवार को अदालत में पेश कर दिया। अब इस मामले में 21 दिसम्बर को सुनवाई होगी। एसीबी कोटा टीम ने कुरैशी को इसी साल 20 जनवरी को दस हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।

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25 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी

कुरैशी ने डाबी के राशन डीलर के खिलाफ थाने में मामला दर्ज नहीं करवाने की एवज में 25 हजार रुपए की मांग की थी। ग्रामीण पुलिस लाइन बोरखेड़ा निवासी सत्यनारायण राठौर ने कुरैशी के खिलाफ एसीबी में शिकायत दी थी। शिकायत का सत्यापन होने पर एसीबी टीम ने 20 जनवरी को कुरैशी को आरकेनगर स्थित आवास से दस हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस मामले में कुरैशी के खिलाफ पूर्व में चालान भी पेश किया जा चुका है। अनुसंधान अधिकारी एसीबी बूंदी के उप अधीक्षक तरुणकांत सोमानी ने बताया कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता विभाग जयपुर के शासन सचिव ने अभियोजन स्वीकृति जारी की।

सिवायचक भूमि पर भूखंड बेचकर हड़पे दो लाख रुपए

बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में सिवायचक भूमि पर भूखंड बेचाने के नाम पर प्रॉपर्टी डीलर समेत दो जनों ने एक व्यक्ति से दो लाख रुपए हड़प लिए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। बारां जिले के हरिपुरा निवासी सुरेन्द्र कुमार मीणा ने महावीर नगर प्रथम निवासी सुरेश चौधरी और बारां की न्यू नाकोड़ा कॉलोनी निवासी सुनीता हाड़ा के खिलाफ अदालत में परिवाद पेश किया था।

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९ लाख रुपए में भूखंड खरीदने का हुआ था सौदा तय

सुरेश ने बोरखंड़ी में श्रीनाथ विहार आवासीय योजना के नाम से प्लानिंग काटकर भूखंड बेचे थे। जब उसने सुरेश से भूखंड खरीदने की बात कही तो उसने कहा कि एक भूखंड सुनीता हाड़ा को बेचा है। अब वह उस भूखंड को बेचना चाहती है, वह उस भूखंड को दिलवा सकता है। इस पर वह सहमत हो गया। उसने 9 लाख रुपए में भूखंड खरीदने का सौदा तय कर लिया। इसमें से दो लाख रुपए तो उसी समय दे दिए। शेष रकम भूखंड की रजिस्ट्री करवाने पर देना तय हुआ।

रजिस्ट्री की टालमटोल पर हुआ शक

जब निर्धारित समय पर रजिस्ट्री करवाने को कहा तो सुरेश टालमटोल करता रहा। बाद में जानकारी करने पर पता चला कि उसे जो भूखंड बेचा गया है, वह सिवायचक भूमि पर है। उसे बेचने का उन्हें अधिकार ही नहीं था। जब उनसे रकम लौटाने को कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया। इस तरह से सुरेश व सुनीता ने आपसी मिलीभगत कर षड्यंत्रपूर्वक भूखंड बेचान के नाम पर उससे दो लाख रुपए हड़प लिए। इस परिवाद पर बोरखेड़ा पुलिस ने महिला समेत दोनों जनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

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Published on:
27 Oct 2017 02:02 pm
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