कोटा. गैंता कस्बे को माखीदा से जोडऩे के लिए बनाए जा रहे पुल की हर जानकारी फेसबुक पेज पर अपडेट हो रही है।
कोटा. जिले के गैंता कस्बे को बूंदी के माखीदा से जोडऩे के लिए बनाए जा रहे प्रदेश के महत्वाकांक्षी और सबसे लम्बे उच्च स्तरीय पुल के बारे में आपको पल-पल की जानकारी चाहिए तो किसी दफ्तर की चौखट पर जाने की जरूरत नहीं। ब्रिज सोशल मीडिया पर है।
मॉनिटरिंग एजेन्सी पीडब्ल्यू्रडी के प्रोजेक्ट अधीशासी अभियंता ने इनोवेशन कर इस ब्रिज का ही फेसबुक पेज http://www.facebook.com/chambalbridge बना दिया है। पेज पर ब्रिज निर्माण से जुड़ी सभी जानकारियां अपडेट हो रही हैं। इसमें निर्माण शुरूआत से लेकर कार्य प्रगति और अभियंताओं के दौरे तक के तथ्य शेयर किए गए हैं। पेज ब्रिज निर्माण शुरू होने के बाद इसी साल जनवरी में बनाया गया।
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डिजाइन व तकनीक भी फेसबुक पर
सार्वजनिक निर्माण विभाग के ब्रिज प्रोजेक्ट डिविजन खंड बूंदी के अधिशासी अधिकारी आरपी शर्मा के बनाए इस फेसबुक पेज पर ब्रिज निर्माण से जुड़ी सभी जानकारियां अपडेट हो रही हैं। इसमें सभी प्रशासनिक व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के दौरे शामिल हैं। क्या काम पूरा हो गया और किस काम की शुरूआत कब हुई, यह जानकारी भी डाली गई है। इतना ही नहीं, ब्रिज की डिजाइन व निर्माण तकनीक की जानकारी व फोटो भी डाले जा रहे हैं। निर्माण व भूमि अवाप्ति के सर्कुलर भी अपलोड हैं।
दस माह में 30 फीसदी काम
गैंता कस्बे को बूंदी के माखीदा से जोडऩे के लिए बनाए जा रहे प्रदेश के सबसे लम्बे उच्च स्तरीय पुल का गुजरे 10 माह में 30 फीसदी निर्माण पूरा हुआ है। यहां 43 में 16 पिलर खड़े किए जा चुके। निर्माण रफ्तार को देखते हुए इसके तय अवधि मई 2018 तक पूरा होने के आसार नहीं लगते। हालांकि निर्माण कंपनी और मॉनिटरिंग एजेन्सी पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भरोसा जता रहे हैं कि ब्रिज तय वक्त में ही तैयार होगा और अगली बरसात में इस पर से वाहन गुजर सकेंगे। उनका तर्क है कि मोटे काम का बड़ा हिस्सा पूरा हो गया है। अन्य में इतना वक्त नहीं लगेगा। उधर, प्रोजेक्ट में काम कर रहे जानकार कुछ माह विलम्ब की संभावना दबे स्वर में स्वीकार कर रहे।
ऐसे आया विचार
अधिशासी अभियंता शर्मा ने बताया कि ब्रिज इस इलाके के लोगों के लिए बेहद महत्व रखता है। तीस साल से इसकी मांग थी। ऐसे में लोगों को जोडऩे, उन्हें ब्रिज से जुड़ी जानकारी अपडेट कराने के लिहाज से फेसबुक पेज बनाने का विचार आया। जनवरी में पेज बना लिया। उद्देश्य था कि पब्लिक को प्रोजेक्ट की जानकारी के लिए इधर-उधर नहीं जाना पड़े। आज पेज पर सैंकड़ों लाइक्स भी हैं, करीब 4 सौ लोग जुड़े हैं। इनमें ज्यादातर गैंता व माखीदा के स्थानीय निवासी और इंजीनियर हैं।
सभी प्रोजेक्ट के बने
वे बताते हैं कि प्रोजेक्ट निर्माण की जानकारी सोशल मीडिया से लोगों तक पहुंचाने का प्रयोग हाड़ौती में तो पहला ही है। उनका व्यक्तिगत मानना है कि सभी प्रोजेक्ट को सोशल मीडिया पर लाना चाहिए ताकि लोगों को जानकारी मिलती रहे।
16 पिलर तैयार, दो गर्डर डले
ब्रिज निर्माण के लिए 13 वेल फाउंडेशन पिलर बनाए जाने हैं, इनमें पांच के फाउंडेशन का काम पूरा हो गया, 2 पिलर तैयार हैं। इसी तरह, 30 अन्य पिलर्स का फांडेशन बन गया है इनमें से 14 पिलर खड़े हो गए हैं। पांच जगह पर गर्डर डाली जा रही, दो गर्डर डल गई है।
120.60 करोड़ का है पूरा प्रोजेक्ट
101 करोड़ लागत से तैयार होगा ब्रिज
19.60 करोड़ मिले वन विभाग को वन्य विभाग को वन्य सुरक्षा व अन्य कार्यो के लिए
1562.40 मीटर है ये प्रदेश का सबसे लम्बा ब्रिज
2018 तक पूरा होने के आसार नहीं
250 से ज्यादा लोग कर रहे काम
40 सुपरवाइजर, ऑपरेटर और जूनियर इंजीनियर शामिल
11 इंजीनियर कर रहे हैं मॉनिटरिंग