आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद कोटा के कोचिंग समूह में 106 करोड़ रुपए की अघोषित आय का खुलासा हुआ है।
आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने कोटा के कोचिंग संस्थान पर छापा मार। चार दिन तक चली कार्रवाई के बाद आयकर विभाग ने 38 लाख का कैश और 85 लाख की ज्वैलरी जब्त की है। जिसके बाद कोचिंग संचालकों ने 106 करोड़ रुपए की अघोषित आय स्वीकार की है।
चार दिन तक चली कार्रवाई
आयकर विभाग उदयपुर की अन्वेषण विंग ने कोटा के नामी कोचिंग समूह व इससे जुड़े एक रियल एस्टेट कारोबारी के यहां चल रही आयकर सर्वे की कार्रवाई देर रात पूरी कर ली। हालांकि सोमवार को ही कोचिंग समूह संचालक सहित रियल एस्टेट कारोबारी नें 106 करोड़ रुपए की अघोषित आय स्वीकार कर ली।
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18 ठिकानों पर 250 लोगों ने मारा छापा
आयकर विभाग उदयपुर रेंज के अतिरिक्त निदेशक एम. रघुवीर ने बताया कि चार दिन तक चली कार्रवाई के दौरान कोचिंग समूह संचालक के कोटा, जयपुर, बंगलूरू सहित 18 ठिकानों पर सर्वे किया। कार्रवाई में विभाग के 250 से अधिक अधिकारी, इंस्पेक्टर दिन-रात लगे रहे। संचालक के आवास, कॉर्पोरेट ऑफिस से मिले दस्तावेजों की गहन पड़ताल की गई। कोचिंग से सम्बंधित कई रिकॉर्ड मिसमेच मिले। कोचिंग समूह के संचालक ने कोचिंग व्यवसाय से 70 करोड़ रुपए की अघोषित आय स्वीकार की है।
रीयल स्टेट कारोबार में लगा था पैसा
कोचिंग संचालक के परिजन कोचिंग व्यवसाय के साथ-साथ रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़े थे। आयकर सर्वे के दौरान जब यह बात सामने आई तो सर्वे में जुटे आयकर कर्मियों ने कोचिंग संचालक के परिजन और रियल एस्टेट कारोबारी ने 36 करोड़ रुपए की अघोषित आय स्वीकार की। समूह संचालक के यहां 38 लाख रुपए नकद व 85 लाख की ज्वैलरी भी मिली। आय संबंधित दस्तावेज नहीं मिलने पर नकदी व ज्वैलरी जब्त कर ली गई।