कोटा के बाल संप्रेषण गृह में बंद बाल अपचारियों के दो गुटों के बीच शुक्रवार को गैंगवार हो गया। जिसमें सुरक्षा कर्मी समेत 6 लोग घायल हो गए।
कोटा के नयागांव स्थित बाल सम्प्रेषण गृह में बंद बाल अपचारियों के दो गुटों के बीच गैंगवार हो गई। एक गुट के 3-4 बाल अपचारियों ने कमरे की खिड़की के कांच व पलंग के पाइप तोड़कर दूसरे गुट के 4 बाल अपचारियों पर हमला कर दिया। जिसमें दूसरे गुट के बाल अपचारियों के आंख, सिर और हाथ में चोट लगी हैं। मारपीट को रोकने की कोशिश में जुटे सुरक्षा गार्ड भी घायल हो गए। घटना की खबर लगते ही एक वर्ग विशेष के लोगों ने रावतभाटा रोड पर टायर जलाकर और रास्ता जाम कर विरोध जताया।
बाल संप्रेषण गृह के अधीक्षक कालूराम मीणा ने बताया कि सम्प्रेषण गृह में कुछ बाल अपचारियों में एक पखवाड़े कहासुनी चल रही थी। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे नित्यक्रिया के लिए जब उन्हें कमरों से बाहर निकाला तो दोनों गुटों में फिर से विवाद शुरू हो गया। इसी बीच एक गुट के 3-4 अपचारी कमरों की खिड़कियों के कांच तोड़कर व पलंगों के पाइप तोड़कर ले आए और दूसरे गुट के 4 लड़कों को घेरकर पीटा। जिससे किसी की आंख व किसी के सिर व हाथ में चोट लगी। दोनों गुटों में झगड़ा होने पर वहां मौजूद सुरक्षागार्ड आर.डी. मीणा व नरेन्द्र मीणा ने बीचबचाव किया तो उनके साथ भी मारपीट कर डाली।
एक गंभीर घायल
अधीक्षक ने बताया कि झगड़े की सूचना मिलते ही वे तुरंत सम्प्रेषण गृह पहुंचे और चोटिल बाल अपचारियों को नए न्यू हॉस्पिटल लेकर गए। वहां तीन को तो प्राथमिक उपचार के बाद वापस गृह ले आए लेकिन एक के अधिक लोट लगने से उसे हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है। अधीक्षक ने बताया कि मारपीट करने वालों में एक बाल अपचारी करीब 4 माह पहले ही यहां आया है और उसके खिलाफ जानलेवा हमला व अवैध हथियार समेत आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। जबकि जिसके अधिक चोट लगी है वह तलवंडी में इस साल हुई डॉक्टर की पत्नी की हत्या के मामले में करीब 5 माह से यहां हैं।
बड़ी उम्र के लड़के बनते हैं बवाल की वजह
अधीक्षक कालूराम ने बताया कि बाल सप्रेषण गृह में करीब 15 अपचारी ऐसे हैं जिनकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है। उन्हें यहां से जेल में और झगड़ा करने वालों को भीलवाड़ा समेत अन्य जगहों पर शिफ्ट करने के संबंध में किशोर न्याय बोर्ड के अध्यक्ष को कुछ समय पहले पत्र लिखा था। इसकी जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकाारिता विभाग के उप निदेशक व जिला कलक्टर समेत सभी अधिकारियों की दी जा चुकी है। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। बड़ी उम्र के और अक्रामक व्यवहार वाले लड़के अक्सरकर बवाल मचाते रहते हैं।
अधीक्षक पर भी कर चुके हैं हमला
अधीक्षक कालूराम ने बताया कि 22 अगस्त को भी बाल अपचाजरियों के दोनों गुट आपस में झगड़े थे। इसकी जानकारी मिलने पर जब उन्होंने 23 अगस्त को उनसे समझाइश की तो एक गुट के बाल अपचारी ने दिन की चाय देते समय गर्म चाय उन पर फेंक दी थी। जिससे उनका हाथ जल गया था। इस संबंध में भी उन्होंने अधिकारियों को अवगत करवा दिया था। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई तो लड़कों के हौसले बढ़ गए और खुलेआम मारपीट करने पर उतारू हो गए।
दूघ वाला नहीं आता तो दब जाती घटना
संप्रेषण गृह में गैंगवार होने की खबर शायद ही अफसरों को लग पाती, लेकिन गनीमत रही कि जिस समय लड़कों के बीच मारपीट शुर हुई दूधवाला दूध देने पहुंच गया और हालात बिगड़ते देख भाग खड़ा हुआ। उसने घटना की जानकारी नयागांव में रहने वालों को दी। इसके बाद ग्रामीणों ने रास्ता जाम कर घटना का विरोध शुरू कर दिया। जानकारी मिलते एएसपी अनंत कुमार, उप अधीक्षक राजेश मेश्राम, बनेसिंह मीणा व प्रशिक्षु आरपीएस सीमा चौहान, महावीर नगर, जवाहर नगर व आरकेपुरम् थाने की पुलिस और आरएसी का जाप्ता मौके पर पहुंचा। उन्होंने लोगों से समझाइश की और मामला शांत कराया।