
Every third patient dies of swine flu in rural area of Kota
कोटा में स्वाइन विकराल रूप धारण करने लगा है। सबसे ज्यादा खराब हालात ग्रामीण इलाकों के हैं। जहां हर तीसरे मरीज की मौत हो जा रही है। कोटा के ग्रामीण इलाकों में अभी तक 20 लोग स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाए गए। जिसमें से 7 की मौत हो गई। वहीं कोटा शहर में अब तक 133 स्वाइन फ्लू पॉजीटिव सामने आए हैं। जिनमें से आठ लोगों की मौत हो चुकी है।
कोटा जिले में स्वाइन फ्लू विकराल हो गया है। इस जानलेवा मर्ज की चपेट में न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण इलाके भी आ गए हैं। इस साल जनवरी से 6 सितम्बर तक कुल 153 लोग स्वाइन फ्लू की चपेट में आए। जिनमें से 15 लोगों की मौत हो गई। चौंकाने वाली बात यह है कि ग्रामीण इलाकों में सिर्फ 20 पॉजीटिव मरीज मिले, लेकिन उनमें से 7 की मौत हो गई। जबकि शहरी इलाकों में 133 मरीज मिले। जिसमें से 8 की मौत हुई।
ग्रामीण इलाकों में इलाज नहीं
चिकित्सा विभाग के प्राप्त आंकड़ों के अनुसार इस साल अब तक सुल्तानपुर में 6, कैथून व चेचट ब्लॉक में 5-5, सांगोद में 3 व इटावा में एक रोगी स्वाइन फ्लू पॉजीटिव मिला। जिनमें से चेचट व सुल्तानपुर में 3-3 और कैथून में एक रोगी की मौत हुई। जबकि कोटा शहर के पुराने इलाके भीमगंजमंडी में सर्वाधिक 19 लोग इस बीमारी की चपेट में आए। जबकि बोरखेड़ा में 18, महावीर नगर में 12 व कुन्हाड़ी क्षेत्र में 10 रोगी पॉजीटिव मिले हैं। जिनमें से विज्ञान नगर में 2, दादाबाड़ी, पुलिस लाइन, तलवंडी, गोविंद नगर, सकतपुरा और रंगबाड़ी इलाके में 1-1 मरीज की मौत हो गई।
डेंगू ने भी खूब डराया
स्वाइन फ्लू के साथ ही कोटा में डेंगू का डंक भी लोगों को खूब डरा रहा है। कोटा में अब तक डेंगू के 304 मरीज सामने आ चुके हैं। जिनमें से एक की मौत भी हो चुकी है। डेंगू का प्रकोप सबसे ज्यादा शहर क्षेत्र के डीसीएम इलाके में दिखाई दे रहा है। यहां अब तक 55 लोग डेंगू का शिकार हो चुके हैं। जबकि भीमगंजमंडी में 36, नयापुरा में 28, कुन्हाड़ी में 27, बापू बस्ती में 19, विज्ञान नगर में 13 और गोविंद नगर व छावनी में 11-11 लोग डेंगू की चपेट में आए। सफाई के मामले में गांवों के हालात भले ही कितने भी खराब क्यों ना हों, लेकिन अभी तक 5 ब्लॉक में सिर्फ 35 लोग ही डेंगू की चपेट में आए हैं।
Published on:
08 Sept 2017 01:39 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
