कोटा

Mahakumbh स्नान कर लौट रहे 3 यात्रियों समेत पति-पत्नी की मौत, बस खड़े ट्रोले में घुसी, मृतकों के परिजनों को मिलेंगे 4-4 लाख रुपए

हादसे में कैलाशी बाई (54), किशोरीलाल रेखवार (60) व अशोक (35) की मौत हुई है। कैलाशी और किशोरी लाल रेखवार पति-पत्नी थे।

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Feb 14, 2025

Rajasthan Road Accident: कोटा के सुल्तानपुर क्षेत्र से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे 8 लेन पर यातायात शुरू होते ही हादसे होने शुरू हो गए। गुरुवार सुबह महाकुंभ प्रयागराज से आ रही श्रद्धालुओं से भरी निजी स्लीपर बस खड़े ट्रोले में जा घुसी। इस दर्दनाक हादसे में पति- पत्नी सहित तीन यात्रियों की मौत हो गई वहीं दो अन्य गंभीर घायल हो गए। इनके अलावा आधा दर्जन अन्य यात्रियों के भी हल्की चोट आई है।

हादसा इतना जबरदस्त था कि बस का आगे का हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। खड़े ट्रोले से बस बायीं साइड से टकराई जिसकी वजह से ड्राइवर सुरक्षित रह गया और मौके का फायदा उठाकर वह श्रद्धालुओं को वहीं छोड़कर भाग गया।

सीमलिया थाने के एएसआई हरिराज सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह कराड़िया गांव के नजदीक एक्सप्रेस हाइवे और नेशनल हाइवे की क्रॉसिंग के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर निजी बस ट्रोले में जा घुसी, हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। इसके बाद मौके पर आसपास से आधा दर्जन एबुलेंस मंगवाई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया तो अन्य यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर ठहराया।

जानकारी के अनुसार यह बस 7 फरवरी को प्रयागराज महाकुंभ के लिए मंदसौर मध्यप्रदेश से रवाना हुई थी, इसमें कुल 56 यात्री थे । सभी यात्री मंदसौर व आसपास के इलाके के थे। यात्रा पूर्ण कर लौट रहे थे।

गहरी नींद में थे यात्री

बस में सवार यात्रियों ने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ के बाद अन्य जगहों पर दर्शनों के उपरांत सभी वापस अपने गंतव्य जा रहे थे। बस सवार रतलाम निवासी सिद्धि पंवार ने बताया कि सुबह का वक्त था। बस में सवार सभी लोग सो रहे थे। बुधवार रात लगभग 11 बजे आगरा से रवाना हुए। सुबह 5 बजे करीब लघुशंका के लिए बस यात्री रास्ते में रुके, वहां से बस ड्राइवर भी बदली हुए।

बस के मुख्य चालक ने उस समय बस चलाने के लिए खलासी को दे दी और बस चालक सो गया। इसके लगभग डेढ़ घंटे बाद ही यह हादसा हो गया। हादसे के तुरंत बाद बस चालक और खलासी मौके से फरार हो गए। जैसे ही एक्सीडेंट हुआ सभी की एकदम नींद खुल गई। सभी लोग इमरजेंसी गेट से कूदे। सभी के सामान एक-एक करके बाहर निकाले।

सभी को एमबीएस अस्पताल पहुंचाया

थाना एएसआई हरिराज सिंह ने बताया कि हादसे में कैलाशी बाई (54), किशोरीलाल रेखवार (60) व अशोक (35) की मौत हुई है। कैलाशी और किशोरी लाल रेखवार पति-पत्नी थे। पति-पत्नी संजिद नाका पटेल कॉलोनी (मंदसौर) और अशोक नृसिंहपुरा रामदेव मन्दिर के पास, मंदसौर एमपी के रहने वाले थे। अशोक पेशे से हलवाई थे। इसके अलावा चमन लाल व पार्वती भी घायल हुए हैं। ये लोग बस की केबिन में बैठे थे। जहां हादसे के बाद इन सभी को कोटा एमबीएस अस्पताल पहुंचाया गया।

ट्रोले में नहीं घुसती तो गहरे गड्ढे में जा गिरती

मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि स्लीपर बस की जिस ट्रोले से दुर्घटना हुई वो ट्रोला एक्सप्रेस वे पर खड़ा था और उसका चालक और खलासी उसी में सो रहे थे। अगर यह बस ट्रोले में ना टकराती तो संभवतया बस उसी के सामने बने गहरे गड्ढे में जा गिरती, जिससे और भी बड़ी जनहानि हो सकती थी।

मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए देने के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रयागराज महाकुंभ से मंदसौर लौट रही यात्री बस के 3 श्रद्धालुओं की असामयिक मृत्यु पर दुख जताया है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख और गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी घायलों के समुचित उपचार के लिए जिला प्रशासन मंदसौर को निर्देशित किया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

Published on:
14 Feb 2025 08:40 am
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