कोटा

Kota News : मेडिको इंजीनियरिंग में आइआइटी मद्रास पहली पसंद

जोसा काउंसलिंग-2026 विश्लेषण: अन्य आइआइटी अभी लोकप्रियता की दौड़ में पीछे- बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के बढ़ते दायरे के बीच इंस्ट्रूमेंटेशन एंड बायोमेडिकल इंजीनियरिंग को सबसे अधिक प्राथमिकता
less than 1 minute read
Aug 02, 2026
IIT Madras
IIT Madras(Image-College Official)

मेडिकल साइंस और इंजीनियरिंग के बढ़ते समन्वय ने मेडिको इंजीनियरिंग को तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र बना दिया है। आधुनिक चिकित्सा में सीटी स्कैन, एमआरआइ, रोबोटिक सर्जरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डायग्नोसिस के बढ़ते उपयोग के कारण बायोमेडिकल इंजीनियरिंग से जुड़े पाठ्यक्रमों की मांग लगातार बढ़ रही है। हालांकि जोसा काउंसलिंग-2026 के आंकड़े बताते हैं कि इस क्षेत्र में विद्यार्थियों की पहली पसंद अभी भी आइआइटी मद्रास है, जबकि अन्य आइआइटी अपने पाठ्यक्रमों को लोकप्रिय बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने जोसा काउंसलिंग-2026 के सीट आवंटन आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए बताया कि आइआइटी मद्रास के चार वर्षीय बीटेक इंस्ट्रूमेंटेशन एंड बायोमेडिकल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम की जेंडर-न्यूट्रल ओपन कैटेगिरी में ओपनिंग रैंक 2863 और क्लोजिंग रैंक 4011 रही। यह दर्शाता है कि विद्यार्थियों ने कई शीर्ष आइआइटी की पारंपरिक कोर इंजीनियरिंग शाखाओं की तुलना में इस पाठ्यक्रम को अधिक प्राथमिकता दी।

उन्होंने बताया कि एआइ आधारित हेल्थकेयर, स्मार्ट डायग्नोस्टिक डिवाइस, सेंसर टेक्नोलॉजी, मेडिकल इमेजिंग और रोबोटिक सर्जरी के विस्तार ने इस क्षेत्र में रोजगार और रिसर्च की संभावनाएं बढ़ाई हैं। भविष्य में मेडिकल उपकरणों और डिजिटल हेल्थ टेक्नोलॉजी के विकास के लिए मेडिको-इंजीनियरिंग विशेषज्ञों की मांग और बढ़ने की संभावना है।

रुझान कम

आइआइटी हैदराबाद, रुड़की, इंदौर, गुवाहाटी, मंडी और जोधपुर भी बायोमेडिकल व बायो इंजीनियरिंग से जुड़े फ्यूजन पाठ्यक्रम संचालित कर रहे हैं, लेकिन इनके क्लोजिंग रैंक अपेक्षाकृत अधिक रहने से स्पष्ट है कि फिलहाल इन संस्थानों के ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के बीच उतने लोकप्रिय नहीं बन पाए हैं।