कोटा जिले के रामगंजमंडी में मुक्तिधाम से अस्थि चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं। 16 दिन में तीन मामलों से शोक संतप्त परिवारों में आक्रोश है। लीला देवी शर्मा की अस्थियां 6 जनवरी को चोरी हुईं। पहले 22 दिसंबर और 1 जनवरी को भी घटनाएं हुईं।
रामगंजमंडी (कोटा): शहर में मुक्तिधाम से अस्थि चोरी की घटनाओं ने शोक संतप्त परिवारों को अस्थि विसर्जन की अपनाई जाने वाली पारंपरिक भावना का निर्वहन नहीं कर पाने से चिंता में डाल दिया है। पंद्रह दिन के अंतराल में तीन मृतकों की अस्थियां मुक्तिधाम से चुराकर ले जाने की घटनाओं के बावजूद फिलहाल पुलिस के हाथ इस मामले में खाली हैं। अस्थि चोरी की इन घटना को लेकर आक्रोश भी है और मुक्तिधाम की व्यवस्था पर गंभीर सवाल अब उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, गायत्री धाम कॉलोनी निवासी लीला देवी शर्मा (52) का निधन कैंसर की बीमारी के कारण हो गया था। अंतिम संस्कार चार जनवरी को विधि-विधान से हुआ। दो बार पूर्व में हुई अस्थियां चोरी की घटना को देखकर स्वयं परिजन अंतिम संस्कार के बाद दिन के समय में मुक्तिधाम जाकर नजर रखे हुए थे। सोमवार शाम तक सब ठीक था। रात में अज्ञात चोर अस्थियां और राख चोरी कर ले गए।
परिजन राजकुमार शर्मा ने बताया कि मंगलवार सुबह जब परिवार के सदस्य अस्थि संग्रह के लिए मुक्तिधाम पहुंचे तो वहां अस्थियां और राख नहीं मिलीं। सूचना पर पुलिस उपाधीक्षक घनश्याम मीणा, थानाधिकारी संदीप शर्मा पुलिस जाप्ता के साथ मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने परिजनों को शीघ्र आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
मुक्तिधाम से 22 दिसंबर को पंजाबी समाज के रामप्रकाश मेहता की अस्थियां चोरी हुई। वहीं, एक जनवरी को ब्रह्मपुरी मोहल्ला निवासी मुन्नी बाई सोनी की अस्थियां गायब मिली थी। इसके बाद 6 जनवरी को तीसरी घटना लीलादेवी शर्मा की सामने आई है। मुक्तिधाम की व्यवस्था फिलहाल पालिका देख रही है। यहां सीसीटीवी कैमरे लगे हुए नहीं हैं।