
कोटा .
कोटा के परकौटे से बाहर निकल कर पहली बार दिल्ली तक पहुंची कोटा चित्रकला शैली ने राजपथ पर जमकर धूम मचाई। सात पीढिय़ों से चित्रकला की इस अनूठी शैली को संजोकर रखने वाले कलाकारों के चित्रों को देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। जानी मानी हस्तियों ने प्रदर्शनी के दौरान न सिर्फ इस शैली की जमकर तारीफ की, बल्कि कलाकारों की बनाई पेंटिंग्स भी खरीदीं।
इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इनटेक) ने कोटा की चित्रकला शैली को देश भर में प्रचारित प्रसारित करने के लिए दिल्ली में कोटा कलम नाम से प्रदर्शनी का आयोजन किया। सात पीढिय़ों से इस चित्रकला शैली को जीवंत रखने वाले शेख लुकमान मोहम्मद के साथ-साथ शेख इरफान मोहम्मद, महेंद्र कुमार, शंभू चोबदार और रवींद्र चौबदार के बनाए 72 चित्रों का प्रदर्शन किया गया।
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पत्थरों को घिसकर तैयार किए गए प्राकृतिक और पक्के रंगों के साथ सोने-चांदी की बारीक कारीगरी ने दिल्ली के दर्शकों का दिल जीत लिया। 17 से 19 मार्च तक चली इस प्रदर्शनी में दर्शकों की जमकर भीड़ उमड़ी। मशहूर फिल्मकार मार्कटुली, पेंथर पार्टी के अध्यक्ष प्रो. भीम सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता केटीएस तुलसी और लेखक वेदकुमार तक कोटा कलम की कलाकारी को देखकर हैरत में पड़ गए। उन्होंने चित्रों में वन्यजीव और लोक जीवन की झांकियों की जमकर तारीफ की। चित्रकार शंभू सिंह चोबदार ने बताया कि प्रसिद्ध संग्रहकार तारीक इब्राहिम के न्यौते पर पांचों कलाकार कानपुर भी पहुंचे।
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जहां कोटा कलम की दो दिवसीय प्रदर्शनी आयोजित की गई। कोटा चित्रकला शैली से देश और दुनिया को रूबरू कराने के लिए प्रदर्शनी के आयोजन का इंतजाम इंटेक राजस्थान के सलाहकार रणवीर सिंह ने किया था।