
शिक्षा नगरी कोटा में शुक्रवार को एक तरफ अनंत चतुर्दशी महोत्सव की धूम थी, वहीं दूसरी तरफ भाजपा ने महापौर के चुनाव में एकतरफा जीत का कमल खिलाकर जश्न मनाया। भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी ने कांग्रेस की सुनीता कुमारी सुमन को 30 वोटों से हराकर महापौर के लिए शानदार जीत दर्ज की।
गोस्वामी ने कोटा की आठवीं मेयर के रूप में शपथ लेकर पदभार संभाल लिया है। नवनिर्वाचित महापौर गोस्वामी ने कहा कि पहली प्राथमिकता इंदौर की तर्ज पर शहर को स्वच्छ बनाना है। इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष के मार्गदर्शन में काम करेंगे।
वहीं कांग्रेस को जिस बात का डर था वही हुआ। कुछ कांग्रेस पार्षदों ने भाजपा के पक्ष में मतदान कर क्रॉस वोटिंग की। भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने दावा किया कि 6 कांग्रेस पार्षदाें ने भाजपा के पक्ष में मदतान किया है।
नगर निगम कार्यालय में सुबह 10 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच महापौर के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। करीब ढाई घंटे मतदान प्रक्रिया चली। निगम के 100 पार्षदों में से भाजपा की गोस्वामी को 65 और कांग्रेस की सुमन को 35 वोट मिले।
निर्वाचन अधिकारी ने अनुसुइया गोस्वामी को 30 वोटों से विजयी घोषित किया। इसके साथ ही निगम में भाजपा का बोर्ड बन गया है। पहला वोट ही गोस्वामी ने डाला। पूरे समय मतदान कक्ष में डटी रही। जबकि कांग्रेस की सुमन पार्षदाें के साथ आई और मतदान करके चली गई।
महापौर के मतदान में कांग्रेस अपने पार्षदों को एकजुट नहीं रख पाई। सियासी गलियारों में पार्षदों के निर्वाचित होने के दिन से ही कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की आशंका जताई जा रही थी। कांग्रेस नेता ही सोशल मीडिया पर इस बारे में आशंका जता रहे थे। चुनाव में कुछ कांग्रेस और उसके समर्थित पार्षदों ने अपनी पार्टी के बजाय भाजपा के पक्ष में मतदान किया।
भाजपा के पास अपने 57 और 2 निर्दलीयों को मिलाकर कुल 59 वोट थे, लेकिन क्रॉस वोटिंग के कारण भाजपा प्रत्याशी गोस्वामी को कुल 65 वोट मिले। कुल 39 पार्षदों और 1 निर्दलीय के समर्थन के साथ कांग्रेस के पास 40 वोट थे, जो घटकर 35 वोटों पर सिमट गए। मतगणना शुरू होने से पहले ही कांग्रेस नेता यहां से चले गए थे।
मतदान शुरू होने से पहले ही कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कह दिया था कि ट्रिपल इंजन के साथ कांग्रेस के भी कई पार्षद जुड़ने वाले हैं और भाजपा को 65 वोट मिलने वाले हैं। मतगणना पूरी होने के बाद विधायक का यह बयान चर्चा में रहा।
कोटा के तत्कालीन दोनों नगर निगम में 2020 में मतदान हुआ था। तब दोनों ही निगम में कांग्रेस का बोर्ड और महापौर बने थे। उस समय उत्तर नगर निगम में मंजू मेहरा और कोटा दक्षिण निगम में राजीव अग्रवाल महापौर निर्वाचित हुए थे। बाद में लोकसभा चुनाव के वक्त राजीव अग्रवाल भाजपा में शामिल हो गए थे।
पहले सुबह साढ़े 10 बजे कांग्रेस के 39 पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद शहर अध्यक्ष राखी गौतम, पीसीसी महासचिव अमित धारीवाल और लाडपुरा के पूर्व प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू के साथ सीएडी सर्कल पहुंचे। यहां सुरक्षा की दृष्टि से लगाए गए बेरिकेड पर ही धारीवाल और गुड्डू को पुलिस ने रोक दिया। इसको लेकर शहर अध्यक्ष राखी गौतम और पुलिस अधिकारियों में तीखी बहस हुई।
राखी ने कहा- दो साल बाद हमारी सरकार आ रही है, तब देख लेंगे। पुलिस अधिकारी ने भी कह दिया कि तब की तब देखेंगे, जो अधिकृत है उन्हें ही अंदर जाने देंगे। शहर अध्यक्ष राखी गौतम तथा पार्षदों को अपने निर्वाचन का प्रमाण पत्र दिखाने पर अंदर जाने दिया गया। कांग्रेस पार्षदों ने पहले मतदान किया।
इसी बीच कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, लाडपुरा विधायक कल्पना देवी और शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन की अगुवाई में भाजपा पार्षद बाडाबंदी से दो बसों में यहां पहुंचे। पार्षद विशेष पगड़ी पहनकर आए थे। भाजपा के 57 और दो निर्दलीय पार्षद एक साथ मतदान के लिए आए। सवा 11 बजे तक 97 वोट डल चुके थे।
निर्वाचन विभाग की टीम दो भाजपा और एक निर्दलीय के वोट डालने का इंतजार कर रही थी। भाजपा के दो पार्षद निगम में ही मौजूद थे। सबसे अंत में निर्दलीय पार्षद राहुल माथुर वोट डालने पहुंचे तो भाजपा के दोनों पार्षद भी मतदान के लिए कतार में लग गए।