कोटा

Good News: राजस्थान से MP को सीधा जोड़ेगी 201KM की रेलवे लाइन, 90 किमी तक कम हो जाएगी कोटा-नीमच की दूरी

Kota Rawatbhata Neemuch Rail Line: कोटा-रावतभाटा-बेंगू-सिंगोली-नीमच नई रेल लाइन के फाइनल सर्वे को मंजूरी मिलने से बहुप्रतीक्षित परियोजना को रफ्तार मिली है। इस रेल कनेक्टिविटी से राजस्थान और मध्यप्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के विकास और आवागमन में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

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May 03, 2026
एआई तस्वीर

कोटा। राजस्थान और मध्यप्रदेश के लंबे समय से लंबित रेल कनेक्टिविटी के सपने को साकार करने की दिशा में भारतीय रेलवे ने अहम कदम बढ़ाया है। रेल मंत्रालय ने कोटा-रावतभाटा-बेंगू-सिंगोली-नीमच नई रेल लाइन (201.30 किमी) के अंतिम स्थान सर्वेक्षण (फाइनल लोकेशन सर्वे) को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना के साकार होने से दोनों राज्यों के कई दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

रेल मंत्रालय की ओर से सर्वे कार्य के लिए 5 करोड़ 3 लाख 25 हजार रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अंतिम सर्वे पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसके उपरांत मुख्यालय की स्वीकृति मिलते ही आगामी वर्षों में इस रेल लाइन के निर्माण कार्य को धरातल पर उतारा जाएगा।

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50 वर्ष से रेल लाइन की मांग

करीब 50 वर्षों से इस रेल लाइन की मांग क्षेत्रीय जनता की ओर से लगातार उठाई जा रही थी। वर्ष 2014 में तत्कालीन रेल मंत्री ने इस परियोजना के प्रारंभिक सर्वे को मंजूरी दी थी, जबकि वर्ष 2018 में प्रारंभिक सर्वे पूरा कर इसका खाका तैयार किया गया। अब अंतिम सर्वे को स्वीकृति मिलने से यह परियोजना क्रियान्वयन के और करीब पहुंच गई है।

प्रस्तावित रेल लाइन राजस्थान और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों से होकर गुजरेगी, जिसमें मध्यप्रदेश में लगभग 84 किमी और राजस्थान में करीब 56 किमी का हिस्सा शामिल होगा। इस मार्ग पर जावदा रोड, रतनगढ़, सिंगोली, भैंसरोडगढ़ और जवाहर सागर जैसे प्रमुख स्टेशन प्रस्तावित हैं। साथ ही रावतभाटा क्षेत्र में नया रेलवे स्टेशन विकसित किए जाने की भी योजना है, जिससे रावतभाटा को सीधी रेल सुविधा मिल सकेगी।

दस लाख लोगों को मिलेगा लाभ

इस परियोजना से लगभग 10 लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। वर्तमान में यह क्षेत्र मुख्य रूप से सड़क मार्ग पर निर्भर है, जबकि नई रेल लाइन बनने से कोटा और नीमच के बीच की दूरी लगभग 90 किमी तक कम हो जाएगी। इससे यात्रियों को सस्ती, तेज और सुरक्षित यात्रा का विकल्प उपलब्ध होगा।

उद्योगों और रोजगार की खुलेगी राह

औद्योगिक और आर्थिक दृष्टि से भी यह रेल लाइन अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस मार्ग पर सीमेंट प्लांट, कोटा थर्मल पावर प्लांट, रावतभाटा परमाणु ऊर्जा केंद्र तथा नीमच की कृषि उपज मंडी जैसे बड़े औद्योगिक केंद्र स्थित हैं। ऐसे में यह रेल लाइन माल परिवहन के लिए भी एक सशक्त माध्यम बन सकती है, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

ऐसे चलेगी प्रक्रिया

फाइनल लोकेशन सर्वे की रिपोर्ट तैयार होने के बाद रेलवे की ओर से डीपीआर निर्माण, भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि यह बहुप्रतीक्षित परियोजना शीघ्र ही धरातल पर उतरेगी और राजस्थान-मध्यप्रदेश के इन क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

कोटा-रावतभाटा-बेंगू-सिंगोली-नीमच रेल लाइन के फाइनल सर्वे की प्रक्रिया जारी है। इसके बाद डीपीआर तैयार की जाएगी और उसी आधार पर भूमि अधिग्रहण तथा निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।

  • सौरभ जैन, सीनियर डीसीएम, कोटा रेल मंडल

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