
कोटा। न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल आइसीयू में भर्ती एक बुजुर्ग मरीज की मौत के बाद गुरुवार को अस्पताल में जमकर हंगामा हो गया। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। वहीं अस्पताल प्रशासन और रेजिडेंट डॉक्टरों का आरोप है कि परिजनों ने डॉक्टरों के साथ गाली-गलौज करते हुए हाथापाई की और आइसीयू में तोड़फोड़ की। विवाद के चलते रेजिडेंट डॉक्टरों ने विरोध स्वरूप करीब तीन घंटे तक कार्य बंद रखा। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और एक युवक को थाने ले गई। पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
पुलिस ने बताया कि रामपुरा निवासी अमर सिंह नरूका (70) पिछले छह-सात दिनों से न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल आईसीयू में भर्ती थे। वे लंबे समय से पैरालिसिस (लकवा) से पीड़ित थे और उन्हें निमोनिया की भी शिकायत थी। गुरुवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतक के दामाद मुकेश ने आरोप लगाया कि बुधवार रात अस्पताल प्रशासन ने वीआइपी विजिट का हवाला देते हुए आइसीयू का नंबर-1 बेड खाली करवाया और अमर सिंह को दूसरे बेड पर शिफ्ट कर दिया। उनका कहना है कि रात करीब 10 बजे तक अमर सिंह की हालत सामान्य थी, लेकिन बेड बदलने के बाद उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। साथ ही उन्हें ठंड लग रही थी।
परिजनों ने स्टाफ से एसी कम करने और मरीज की स्थिति देखने का आग्रह किया, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि विरोध करने पर स्टाफ ने अभद्र व्यवहार किया और मारपीट भी की। परिजनों का कहना है कि अमर सिंह के बेटे शक्ति ने जब इलाज में लापरवाही का विरोध जताया तो अस्पताल स्टाफ ने काम बंद कर दिया। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और शक्ति को हिरासत में लेकर थाने ले गई।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए डॉक्टरों के साथ मारपीट का आरोप लगाया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर हेमंत शर्मा ने बताया कि सुबह रेजिडेंट डॉक्टर नियमित राउंड पर थे। इसी दौरान आइसीयू में भर्ती बुजुर्ग मरीज की मृत्यु हो गई। इसके बाद कुछ परिजनों ने मेडिसिन विभाग के रेजिडेंट डॉ अर्पित सिंह सहित अन्य डॉक्टरों के साथ गाली-गलौज करते हुए हाथापाई की और आइसीयू में तोड़फोड़ की। उन्होंने कहा कि जिस यूनिट में मरीज भर्ती था, उससे संबंधित डॉक्टर अलग थे, फिर भी डॉ. अर्पित को निशाना बनाया गया। मामले की शिकायत अस्पताल अधीक्षक को सौंपकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि मेडिकल आइसीयू में राउंड के दौरान मरीज के परिजनों ने एक रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हाथापाई की, जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि अस्पताल का स्टाफ मरीजों के उपचार के लिए चौबीसों घंटे सेवाएं देता है। इस तरह की घटनाओं से चिकित्सकों का मनोबल प्रभावित होता है। फिलहाल रेजिडेंट डॉक्टरों को समझाइश कर काम पर लौटाया गया है तथा पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
घटना के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों ने दोपहर करीब एक बजे तक कार्य का बहिष्कार किया, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुईं। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और विवाद से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
रेजिडेंट डॉक्टर की रिपोर्ट पर राजकार्य में बाधा पहुंचाने और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया था, लेकिन उसके पिता के निधन के कारण अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए फिलहाल उसे छोड़ दिया गया। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। -हरेन्द्र सिंह, सीआइ, महावीर नगर थाना