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Kota Panchayat Elections : पूर्व मंत्री भरतसिंह के पुत्र सरपंच बने, जिला प्रमुख का बेटा चुनाव हारा, दयाराम रि-काउंटिंग में जीते

Kota Panchayat Elections : कोटा जिले में सांगोद पंचायत समिति की कुंदनपुर ग्राम पंचायत से पूर्व मंत्री भरत सिंह के पुत्र गंगासिंह सरपंच का चुनाव जीते हैं। गंगासिंह पहली बार चुनाव लड़े थे। जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल के पुत्र कपिल मेघवाल सरपंच का चुनाव हार गए।
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Updated: 25 Oct 2026, 9:19 PM IST
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Kota Panchayat Elections : फाइल फोटो पत्रिका।

Kota Panchayat Elections : कोटा जिले में पंचायत चुनाव के पहले चरण में 4 पंचायत समितियों की 163 में से 162 ग्राम पंचायत में पंच-सरपंच के परिणाम शनिवार देर रात जारी हो गए, जबकि गिरधपुरा सरपंच पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी थी। लाडपुरा पंचायत समिति की मंड़ाना व सांगोद पंचायत समिति की ग्राम पंचायत धुलेट में सुबह तक मतगणना चली। दोनों ग्राम पंचायत में रविवार दोपहर 12 बजे बाद परिणाम आया।सांगोद पंचायत समिति की कुंदनपुर ग्राम पंचायत से पूर्व मंत्री भरत सिंह के पुत्र गंगा सिंह सरपंच का चुनाव जीते हैं। गंगासिंह पहली बार चुनाव लड़े थे। जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल के पुत्र कपिल मेघवाल सरपंच का चुनाव हार गए।

नवसृजित ग्राम पंचायत तेहरोली से कपिल सरपंच का चुनाव लड़े थे। यहां युवा आकाश मेहरा 140 मतों से विजयी घोषित हुए। कपिल तीसरे नम्बर पर रहे। जिला प्रमुख मेघवाल जिला परिषद सदस्य इसी गांव के वार्ड से जीते थे, लेकिन बेटा चुनाव हार गया। इसकी राजनीतिक गलियारों में चर्चा है।

रि-काउंटिंग में दयाराम 2 वोटों से सरपंच निर्वाचित

मंडाना ग्राम पंचायत में मतगणना को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद एक पक्ष ने दोबारा मतगणना की मांग की। बड़ी संख्या में ग्रामीण मतदान केन्द्र के बाहर एकत्रित रहे और नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर पुलिस का जाप्ता व्यवस्था संभालने में लगा रहा। इसके बाद रविवार दोपहर 12 बजे बाद मंडाना ग्राम पंचायत के नतीजे घोषित हुए। दयाराम 2 वोट से जीतकर सरपंच बने। दयाराम को 1301 व नवल किशोर को 1299 मत मिले।

अंशु ने बड़ी जीत दर्ज की

सुल्तानपुर पंचायत समिति में सबसे बड़ी जीत बड़ोद ग्राम पंचायत में दर्ज हुई। यहां विजेता प्रत्याशी अंशु सुवालका को 1592 वोट मिले, जबकि दूसरे स्थान पर रहीं सीमा को 684 वोट प्राप्त हुए। इस तरह अंशु ने 908 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।

अमरपुरा में 4 वोट से जीत दर्ज की

अमरपुरा ग्राम पंचायत में सबसे करीबी मुकाबला देखने को मिला। यहां शबाना को 459 और चंद्रकला को 455 वोट मिले। शबाना ने महज 4 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। दीगोद ग्राम पंचायत में भाजपा देहात जिला उपाध्यक्ष मनीष शर्मा ने सरपंच पद का चुनाव जीता। नवगठित ग्राम पंचायत बाक्या में आइएएस अधिकारी के भाई हरिओम मीणा की पत्नी अनीता मीणा ने सरपंच पद का चुनाव जीत लिया।

सहकारी समिति चेयरमैन से सरपंच बने

सांगोद पंचायत समिति में सबसे बड़ी जीत बपावर ग्राम पंचायत में हुई। यहां मानसिंह ने 1237 वोटों से जीत हासिल की। वहीं हार जीत का कम अंतर सावनभादो ग्राम पंचायत में भी रहा। यहां महेंद्र नागर 7 वोट से जीते। कनवास से एडवोकेट व सहकारी समिति के चेयरमैन विकास शर्मा चुनाव जीते।

दिग्विजय सिंह 1361 वोटों से जीते

इटावा पंचायत समिति में सबसे बड़ी जीत गेंता ग्राम पंचायत में हुई। यहां दिग्विजय सिंह 1361 वोट जीतकर सरपंच बने, जबकि ख्यावदा ग्राम पंचायत में मात्र 8 वोट से जीतकर ग्यारसी लाल सरपंच बने।

लाडपुरा में कांटे के मुकाबले में सरपंच निर्वाचित

लाडपुरा पंचायत समिति की सभी 29 ग्राम पंचायतों के सरपंच चुनाव परिणाम घोषित कर दिए गए। इन चुनाव में जहां कुछ प्रत्याशी बेहद कम अंतर से जीते, वहीं कुछ ने बड़े अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वियों को पराजित किया। मंडाना ग्राम पंचायत में दयाराम ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी नवल किशोर को मात्र 2 मतों के अंतर से पराजित किया। इसके विपरीत, अड़लिया जागीर में प्रसन्न बाई ने 1593 मत प्राप्त कर अपनी प्रतिद्वंद्वी प्रमिला कुमारी (524 मत) को 1069 मतों के बड़े अंतर से हराया, जो कि सर्वाधिक अंतर है। बोराबास में नारायणी बाई ने 798 मतों के अंतर से जीत दर्ज की और गोडल्याहेड़ी में प्रतीक ने 784 मतों के बड़े अंतर से विजय प्राप्त की। गिरधरपुरा ग्राम पंचायत से पहले ही भूरी बाई निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी हैं। अन्य प्रमुख जीतों में जाखोड़ा से मेनका (262 मतों का अंतर), गंदीफाली से दमयंती गुप्ता (254 मतों का अंतर) और बनियानी से मुकेश गुर्जर (144 मतों का अंतर) शामिल हैं।

Updated on:
25 Oct 2026, 9:19 PM IST
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