
Kota Weather Update : कोटा। कोटा शहर में रविवार दोपहर करीब 3 बजे मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। करीब आधे घंटे तक चली तूफानी बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। इससे कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया। तेज बारिश और हवा के कारण कुछ दूरी तक भी दिखाई देना मुश्किल हो गया। मौसम विभाग ने पहले ही कोटा संभाग के लिए यलो अलर्ट जारी किया था।
तूफानी हवा के चलते शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। छावनी-गुमानपुरा रोड पर एक विशालकाय पेड़ गिरने से मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और दोनों ओर लंबा जाम लग गया। राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पेड़ की चपेट में आने से एक मोटरसाइकिल और सड़क किनारे चाय की थड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।
शास्त्री नगर में वर्षों पुराना नीम का पेड़ धराशायी हो गया, जबकि अनंतपुरा-भामाशाहमंडी मार्ग पर पेड़ गिरने से कई बाइकें दब गईं। इण्डस्ट्रीयल एरिया में पेड़ टूटकर तारों पर गिरने से दो बिजली के खंभे गिर गए। हालांकि किसी भी जगह पर कोई जनहानि नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 1 डिग्री गिरकर 36.1 व न्यूनतम तापमान 1 डिग्री बढ़कर 26.2 डिग्री सेल्सियस रहा। कोटा में 6.0 एमएम बारिश दर्ज की गई।
गोबरिया बावड़ी अंडरपास की दीवार से लगा चद्दर टूटकर गिर गया। वहीं विवेकानंद नगर में एक रेस्टोरेंट का भारी चद्दर भी तेज हवा के कारण गिर गया। झालावाड़ रोड पर ईएसआइ अस्पताल के सामने सड़क किनारे रखी थडि़यां उड़कर वाहनों पर जा गिरी। शहर के कई हिस्सों में होर्डिंग भी गिर गए, जबकि कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। इन्द्र विहार-तलवंडी क्षेत्र में तारों पर पेड़ गिर गए। होर्डिंग टूट गए। खंभे गिर गए।
कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल की छत बारिश में टपक गई। अस्पताल में आइसीयू, ओपीडी ब्लॉक, एमओटी, ट्रोमा गैलरी, इमरजेंसी गैलरी में पानी भर गया। आइसीयू के अंदर तक पानी भर गया। कर्मचारियों को पानी बाहर निकालने में एक घंटे का समय लगा। उपभोक्ता भंडार की दुकानों के सामने भी पानी भर गया। इससे मरीजों व तीमारदारों को निकलने में खासी परेशानी हुई।
कोटा में लगातार तीसरे दिन हुई तेज बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। मौसम में आए बदलाव से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। खेतों में सोयाबीन और उड़द की बुवाई तेजी से चल रही है तथा अच्छी वर्षा से कृषि गतिविधियों को नई गति मिली है। किसानों को आगामी फसलों के बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी है।