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कोटा थर्मल : कोयला संकट बरकरार

कोटा . कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन में लगातार कोयले का स्टॉक गिर रहा है। रविवार को पर्याप्त रैक नहीं आई तो उत्पादन बंद हो सकता है।
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Sep 10, 2017
kota thermal : lack of coal in kota thermal
कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन में लगातार कोयले का स्टॉक गिर रहा है। रविवार को पर्याप्त रैक नहीं आई तो उत्पादन बंद हो सकता है।

कोटा . कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन में पिछले दिनों से लगातार कोयले का स्टॉक गिर रहा है। केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के रिकॉर्ड के अनुसार शुक्रवार रात को स्टॉक में मात्र 34 हजार टन कोयला ही बचा था। शनिवार सुबह एक रैक करीब 4 हजार टन कोयला लेकर पहुंची। पांचों यूनिट्स पर प्रतिदिन 18 से 20 हजार टन कोयला उपयोग में आता है। एेसे में सिर्फ शनिवार व रविवार के उत्पादन के लिए ही कोयला बचा है। हालांकि थर्मल प्रशासन अब भी उम्मीदमंद है कि रविवार को आपूर्ति बढ़ जाएगी।

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समेटना शुरू कर दिया
थर्मल प्रशासन कोयले की कमी के कारण पसीना-पसीना हो गया है। यार्ड में बचा कोयला कन्वेयर बेल्ट पर चढऩे की स्थिति में नहीं है। यह कोयला यार्ड के गड्ढों में भरने से यार्ड समतल नजर आ रहा है। थर्मल प्रशासन शनिवार को भी इसे समेट कर कन्वेयर बेल्ट तक ले जाने में जुटा रहा ताकि यूनिट्स चालू रख सके। थर्मल श्रमिक संघों का आरोप है कि प्रबंधन जानबूझकर कोयला नहीं मंगा रहा है या भुगतान नहीं किए जाने के चलते उन्हें कोयले की सप्लाई नहीं मिल रही है। थर्मल के अभियंता बिहार व मार्ग में कई जगह बाढ़ की वजह से लोडिंग कम होने का कह रहे हैं।

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संसाधन भी खराब
थर्मल के पास छह डोजर और एक छोटी बुल्डोजर कोयले को समेटने के लिए हैं, जिनमें से तीन डोजर खराब हैं। प्रबंधन ने कोयला समेटने के लिए निजी बुल्डोजर किराए पर मंगाया।
सुबह 34 हजार के करीब स्टॉक था, जयपुर से लगातार संपर्क में है। सकारात्मक जवाब मिल रहा है। यूनिट्स बंद नहीं होने देंगे। रविवार को कोयले की आपूर्ति करने वाली रैक बढ़ जाएगी।
केके शर्मा, उप मुख्य अभियंता, कोटा थर्मल

Updated on:
10 Sept 2017 06:21 pm
Published on:
10 Sept 2017 06:17 pm