कैंटीन में छुपकर बचाई जान, बीच सड़क पर आया था लेपर्ड
कोटा सुपर थर्मल पावर प्लांट परिसर में एक बार फिर वन्यजीवों की मौजूदगी से दहशत का माहौल बन गया है। मंगलवार को थर्मल परिसर में लेपर्ड का मूवमेंट नजर आने से श्रमिकों में अफरा-तफरी मच गई। लेपर्ड को देखकर श्रमिक अपनी जान बचाने के लिए पास ही स्थित कैंटीन में छुप गए और दरवाजे बंद कर लिए। लेपर्ड के ओझल होने के बाद श्रमिक बाहर निकले और घटना की जानकारी थर्मल प्रशासन को दी। इसके बाद अधिकारियों ने रात्रि के समय इस क्षेत्र में सतर्कता के साथ आवाजाही करने के निर्देश जारी किए हैं।
बीच सड़क पर दिखा लेपर्ड
जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे कॉल हैंडलिंग प्लांट की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर लेपर्ड दिखाई दिया। इसी मार्ग पर सरकारी कैंटीन स्थित है, जहां ठेका श्रमिकों के साथ-साथ परमानेंट स्टाफ की भी आवाजाही रहती है। उसी दौरान पास में घास काट रही लेबर और अन्य कर्मचारियों ने बीच सड़क पर लेपर्ड को देखा, जिससे अफरा-तफरी मच गई। लोग डर के कारण कैंटीन में बंद होकर बैठे रहे।
लेपर्ड के बच्चों की भी मौजूदगी
थर्मल परिसर स्थित कैंटीन चंबल नदी के किनारे और जंगल से सटे क्षेत्र में है। यहां लेपर्ड का एक जोड़ा लंबे समय से सक्रिय है। घास काटने वाली लेबर ने तीन-चार दिन पहले मादा लेपर्ड के तीन-चार बच्चों को दूर से देखने की जानकारी दी थी। इसके बाद से लेबर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है।
पुराने बंद प्लांट के पास मूवमेंट
कोटा थर्मल को शुरू करने से पहले यहां एक छोटा प्लांट बनाया गया था, जो फिलहाल बंद पड़ा है। लेपर्ड का मूवमेंट इसी बंद प्लांट के आसपास ज्यादा देखा जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले भी थर्मल परिसर में लेपर्ड और भालू के मूवमेंट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
रेस्क्यू के लिए एक्शन प्लान की तैयारी
थर्मल की मुख्य अभियंता शिखा अग्रवाल ने बताया कि सरकारी कैंटीन के आसपास लेपर्ड के मूवमेंट की सूचना मिली है। इस संबंध में डिप्टी कमांडेंट से बात की गई है और उन्हें डीएफओ से समन्वय कर रेस्क्यू के लिए एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
भालू दिखने से हादसा, श्रमिक घायल
इधर, कोटा प्लांट में मंगलवार रात एक बार फिर भालू का मूवमेंट भी सामने आया है। क्लेरिफायर फर्स्ट प्लांट के पास भालू को देखकर एक ठेका श्रमिक डरकर भागा और सड़क पर गिर गया। हादसे में श्रमिक के पैर में फ्रैक्चर हो गया। घायल श्रमिक को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।