कोटा

सबसे पहले मुकुंदरा के एनक्लोजर में दहाड़ेगा रणथंभौर का बाघ

मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में सबसे पहले बाघ की दहाड़ सुनाई देगी। इसके बाद बाघिन को यहां बसाया जाएगा।

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Sep 09, 2017
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Male Tiger will come first in Mukundra Hills Tiger reserve

मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व को आबाद करने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की एनओसी मिलने के बाद वन विभाग रणथंभौर टाइगर रिजर्व से दो बाघिन और एक बाघ को लाने की तैयारी में जुट गया है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जी.वी. रेड्डी ने बताया कि मुकुंदरा में पहले एक बाघ को लाया जाएगा। उसके बाद बाघिन आएंगी।

मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जी.वी. रेड्डी ने बताया रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 5 नर और 4 मादा बाघों को मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व लाने के लिए चुना गया है। ये वो बाघ हैं जो नई टेरेटरी की तलाश में जुटे हैं। विशेषज्ञ इन पर नजर रखेंगे और जो बाघ कोटा लाने के लिए सबसे ज्यादा उपयुक्त होंगे उन्हें कोटा लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सबसे पहले नर बाघ को मुकुंदरा लाया जाएगा। इसके बाद जब वह यहां के माहौल में ढ़ल जाएगा तब मादा बाघ लाई जाएंगी।

दो हेक्टेयर में बनेंगे एनक्लोजर

रणथंभौर से लाए गए बाघ को मुकुंदरा में बसाने के लिए यहां दो हेक्टेयर में एक एनक्लोजर बनाया जाएगा। यह दो हिस्सों में बंटा होगा। रणथंभौर से आने वाले बाघ को पहले इस एनक्लोजर में छोड़ा जाएगा और 20-22 दिन बाद इसे खुले में निकाला जाएगा। जब यह बाघ यहां के माहौल में ढ़ल जाएगा तब दो बाघिन लाई जाएंगी। जंगलों में मवेशियों की चराई की समस्या को लेकर रेड्डी ने कहा कि बोराबास के पास करीब 12 हजार बीघा जमीन मवेशियों के लिए सुरक्षित रहेगी। उन्होंने सेल्जर के पास बनाए जा रहे एनक्लॉजर व अन्य क्षेत्रों का निरीक्षण किया और वन कर्मियों तथा अधिकारियों से चर्चा कर सुझाव भी दिए।

रेडियो कॉलर से होगी निगरानी

मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा पर वन विभाग खासा गंभीर है। रणथंभौर से लाए जाने वाले सभी बाघों के खुले में छोड़ने से पहले रेडियो कॉलर लगाए जाएंगे, ताकि उस पर 24 घंटे निगरानी रखी जा सके। जवाहर सागर बांध से देवझर महादेव तक का बफर जोन बनाने की भी योजना है।

सुरक्षा दीवार बने

पूर्व मानद वन्यजीव प्रतिपालक रविंद्र सिंह तोमर ने बाघों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ब्रोकेन टेल की तरह कहीं रणथंभौर के बाघ भी ट्रेन और रोड़ पर वाहनों की चपेट में ना आ जाएं इसीलिए कोटा-डाबी रोड व बून्दी टनल से सथूर तक अण्डरपास और सुरक्षा दीवार निर्माण किया जाए। जिस पर मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक ने शीघ्र कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया। इस दौरान पूर्व मंत्री भरतसिंह, पूर्व वन अधिकारी वीके सालवन, मुकंदरा वन संरक्षक सेडूराम यादव, कोटा उपवन संरक्षक ललित सिंह राणावत और मुख्य वन संरक्षक घनश्याम शर्मा समेत कई वन्य जीव प्रेमी मौजूद रहे।

Published on:
09 Sept 2017 04:21 pm