मुकुंदरा में बाघ बसाने के फैसले से पर्यटन विशेषज्ञ भी खासे खुश हैं। कोटा विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर और यूजीसी की रिसर्च अवार्डी डॉ. अनुकृति शर्मा कहती हैं कि मुकुंदरा में बाघ आने के बाद फैमिली टूरिस्ट पैकेज पूरी तरह कंपलीट हो जाएगा। हाड़ौती देश के उन गिने-चुने टूरिस्ट प्लेस में से एक होगा जहां पर हर आयु वर्ग और वैरायटी के टूरिस्ट के लिए सैर सपाटे के पूरे इंतजाम होंगे। बुजुर्गों के लिए ऐतिहासिक मंदिर, बच्चों के लिए वाटर स्पोर्ट्स और युवाओं के लिए सेविन वंडर जैसी जगह के साथ-साथ एडवेंचर के दीवानों के लिए चम्बल और वाइल्ड लाइफ के चाहने वालों के लिए मुकुंदरा होने के बावजूद काफी कम संख्या में टूरिस्ट आते थे, लेकिन जब टाइगर आएगा तो विविधताओं से भरे इस टूरिस्ट सिग्मेंट पर सभी का फोकस जाएगा। जिसके चलते लोग कोटा में कुछ घंटे बिताने की बजाय यहां ठहरकर छुट्टियां मनाने और पर्यटक स्थलों पर घूमने की प्लानिंग करेंगे। पर्यटन विकास के साथ ही पूरे इलाके में रोजगार के सुनहरे दिन आने वाले हैं।