कोटा

अनाथ दिवस: पहली बार जब केक काटकर किसी ने खिलाया तो भूल सारे गम झूमे खुशी से

कोटा. अनाथ दिवस की पूर्व संध्या पर राजस्थान पत्रिका की पहल पर शहर के प्रबुद्धजनों ने रविवार को अनाथ बच्चों के बीच जाकर खुशियां मनाई।

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Nov 12, 2017

अनाथ दिवस की पूर्व संध्या पर राजस्थान पत्रिका की पहल पर शहर के प्रबुद्धजनों ने झालावाड़ रोड कोटड़ी गाेर्वधनपुरा स्थित करणी नगर विकास समिति के भवन में रविवार को अनाथ बच्चों के बीच जाकर खुशियां मनाई। अनाथ बच्चों को अपना जैसा दुलार मिला तो वह खुशी से झूम उठे। प्रबुद्धजनों ने अनाथ बच्चों के बीच केक काटा तो खुशी से झूम उठे। केक पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी छा गई।

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अनाथ दिवस 13 नवम्बर को मनाया जाता है। यह उन बच्चों के लिए समर्पित होता है, जिनके माता-पिता नहीं होते है। बच्चों के बीच जब प्रबुद्धन पहुंचे तो वे खुशियों से झूम उठे। शाम के समय उन्होंने बच्चों के बीच केक काटा और एक-एक कर बच्चों को अपने हाथों से खिलाया। अपनत्व पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से झूम उठे।

इस अवसर पर करणी नगर विकास समिति की संयोजिका प्रसन्ना भंडारी ने बताया कि वह अनाथ व निर्धन बच्चों के बीच पिछले पचास सालों से सेवा कार्य में लगी है। इन बच्चों की सेवा से उन्हें खुशी का अनुभव होता है। इस अवसर पर अधीक्षक हर्षित गौतम, भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के सदस्य सुनील पोकरा, महेश चंद मीणा, रुकमणि विजय, अंकित गौतम, जगदीश सुमन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

बच्चों के बीच हुई खेल प्रतियोगिताएं

बच्चों के बीच विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई। जिसमें बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। परिसर में क्रिकेट, वॉलीबॉल समेत अन्य प्रतियोगिताएं हुई। बच्चों ने आपस में टीमें बनाकर क्रिकेट मैच खेला। मैचों में गेंदों पर जमकर शॉट लगाए। जब बच्चे क्रिकेट बॉल पर ऑउट हुए तो बच्चे खुशी से झूम उठे।

इनका यह कहना

बालक राजेश मीणा का कहना है कि मैं करीब पांच साल से करणी नगर विकास समिति के भवन में रह रहा हूं। पहली बार केक काटने व खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। यह बहुत अच्छा लगा।

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Published on:
12 Nov 2017 10:33 pm
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